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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Republic Day 2023: गणतंत्र दिवस पर पीएम नहीं राष्ट्रपति फहराते हैं तिरंगा, जानें क्या है इसकी वजह

    By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Thu, 26 Jan 2023 09:12 AM (GMT+05:30)

    आज देशभर में 74वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर देश के राष्ट्रपति ने झंडा फहराते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन प्रधान ...और पढ़ें

    26 जनवरी को राष्ट्रपति क्यों फहराते हैं तिरंगा
    26 जनवरी को राष्ट्रपति क्यों फहराते हैं तिरंगा

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Republic Day 2023: भारत अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। हर साल 26 जनवरी के दिन देशभर में इस राष्ट्रीय त्योहार की रौनक रहती है। लोग हर्षोल्लास और उत्साह के साथ इस खास दिन को सेलिब्रेट करते हैं। यह दिन भारत में जनतंत्र की शक्ति को दर्शाता है। इस दिन देश की राजधानी दिल्ली स्थित राजपथ पर गणतंत्र दिवस का समारोह आयोजित किया जा रहा है। साथ ही इस खास मौके पर देश के राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति झंडा फहराते है, तो स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री क्यों ध्वजारोहण करते हैं। अगर आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है, तो हम आपको बताएंगे आखिर ऐसा क्यों होता है।

    गणतंत्र दिवस पर इसलिए राष्ट्रपति फहराते हैं झंडा

    दरअसल, 15 अगस्त, 1947 के दिन जब भारत को आजादी मिली, तो उस समय प्रधानमंत्री ही देश के मुखिया थे। इसी वजह से आजादी मिलने पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लाल किले से ध्वजारोहण किया था। लेकिन आजादी के बाद जब 26 जनवरी, 1950 में देश का संविधान लागू किया गया, तो राष्ट्रपति की शपथ ले चुके डॉ. राजेंद्र प्रसाद देश के संवैधानिक प्रमुख थे। ऐसे में उन्होंने गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडा फहराया था। तब से लेकर आज तक यह परंपरा चली आ रही है कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं और गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।

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    ध्वजारोहण और फहराने में अंतर

    बहुत कम लोग यह जानते होंगे कि ध्वजारोहण और झंडा फहराने में भी काफी अंतर है। दरअसल, 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर बांधा जाता है और वहीं से झंडा फहराया जाता है। इसलिए गणतंत्र दिवस के दिन ध्वजारोहण नहीं, बल्कि झंडा फहराया जाता है। वहीं, अगर बात करें स्वतंत्रता दिवस की तो 15 अगस्त के दिन राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर की तरफ खींचा जाता है और फिर फहराया जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था, उस वक्त ब्रिटिश सरकार का झंडा उतारकर भारत का झंडा चढ़ाया था। यही वजह है कि 15 अगस्त के दिन तिरंगा ऊपर की तरफ खींचने के बाद फहराया जाता है।

    Picture Courtesy: Freepik