यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हार्ड नहीं स्मार्ट वर्कर बनें, प्रोफेशनल लाइफ में सफलता की राह हो जाएगी आसान
ऑफिस में जाने-अनजाने में बहुत सी ऐसी बातें हो जाती हैं जो आपकी प्रोफेशनल लाइफ पर सवाल खड़ा कर देती हैं। तो कैसे इनसे दूरी बनाकर आप अपने लक्ष्य से नज़द ...और पढ़ें

आपने गौर किया होगा कि आपकी तरक्की की राह में कोई और बाजी तो नहीं मार रहा। अगर नहीं तो क्या आप अपने लक्ष्य तक उतनी तेज़ गति से पहुंच पा रही हैं? कुछ ऐसे ही सवाल मन में घर कर लेते हैं, जब आप वांछित मंजि़ल हासिल नहीं कर पातीं। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही है तो जानें कुछ टिप्स, जो आपको अपनी क्षमता पहचानने और लक्ष्य की ओर बढऩे में ज़रूर मदद करेंगे।
1. कहीं देर तो नहीं हो गई
बस या कैब की वजह से रोज़ाना देर से ऑफिस आ रही हैं, डेडलाइन पर काम पूरा नहीं कर रही हैं या मीटिंग्स में अपडेट नहीं हैं तो इन बातों को आपका मैनेजमेंट ज़रूर नोट कर रहा होगा। जो कर्मचारी समय पर ऑफिस नहीं आते, उनकी वजह से टीम की प्रोडक्टिविटी प्रभावित होती है।
2. ज़्यादा छुट्टियां लेना
अगर आप ऑफिस से ज़्यादा छुट्टियां ले रही हैं तो ज़ाहिर है इससे आपका काम भी प्रभावित हो रहा होगा और आपकी वजह से बाकी टीम पर भी प्रभाव पड़ता होगा इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही छुट्टी लेने की कोशिश करें।3. दूरदर्शिता की कमी
अगर आप अंतिम समय तक काम को टाल कर रख रही हैं और आपके पास नए आइडियाज़ की कमी है तो इसका असर टीम की प्रोडक्टिविटी पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए यदि आपके बॉस शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म लक्ष्य, समय सीमा के साथ तय नहीं करते तो वह कलीग्स को दिशा-निर्देश कैसे दे पाएंगे?
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4. गैंगबाज़ी या गॉसिपिंग
अगर आप बातूनी हैं या आपको अपने पहले वर्क कल्चर के बारे में बताना है तो जो सुनने में इंट्रेस्ट ले, उसे ही बताएं। बार-बार पुरानी कंपनी या संस्थान की तारीफ करना ठीक बात नहीं। ऑफिस आवर्स में सिर्फ प्रोफेशनल बातचीत करें। इन सब बातों से टीम के उत्साह में कमी, अहंकार और पावर का लालच बढ़ता है। इस तरह की प्रवृत्ति एम्प्लॉइज़ को एक-दूसरे के साथ के बजाय एक-दूसरे के खिलाफ काम करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।
5. नए आइडियाज़ पर हो काम
ऑर्गेनाइज़ेशन में कुछ साल गुज़ारने के बाद एक रूटीन में बंध जाना वाजि़ब है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी नए काम के लिए पहल ही न करें। जब भी आपका फोकस कम होने लगे तो उन सारी बातों के बारे में सोचें, जिस वजह से आप अपने काम को पसंद करती हैं। पहल करें, सुधार के लिए सलाह दें और टीममेट्स को बेहतर परफॉर्म करने में मदद करें।
6. खराब बिहेवियर
कई बार हम ज़ल्दी कैज़ुअल मोड में आ जाते हैं, खासतौर पर जब ऑफिस का कल्चर रिलैक्स्ड हो। कई बार ये बातें ऐसी स्थिति में ला सकती हैं, जहां आपको भी असहजता का सामना करना पड़ सकता है।