Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Television Day: टीवी के आविष्कार के तीन दशक बाद भारत आया टेलीविजन, जानें देश में इसका सफर

    By Harshita SaxenaEdited By:
    Updated: Mon, 21 Nov 2022 02:16 PM (IST)

    दुनियाभर में आज वर्ल्ड टेलीविजन डे मनाया जा रहा है। साल 1924 में आए टीवी का सफर भारत में इसके आविष्कार के तान दशक बाद हुआ। जानते हैं देश में कब और कैस ...और पढ़ें

    भारत में कब और कैसे हुई टेलीविजन की शरुआत
    भारत में कब और कैसे हुई टेलीविजन की शरुआत

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। साल 1924 में स्कॉटिश इंजीनियर, जॉन लोगी बेयर्ड ने तकनीक की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए टेलीविजन का आविष्कार किया था। उस समय कौन जानता था कि इस आविष्कार की वजह से लोगों की आने वाली जिंदगी पूरी तरह से बदल जाएगी। बक्से, कार्ड और पंखे के मोटर से तैयार हुआ टीवी आज लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। भले ही आज लोगों के पास मनोरंजन के लिए कई साधन मौजूद हैं, लेकिन बावजूद इसके लोग अब भी टीवी देखना पसंद करते हैं। दुनियाभर में भले ही टीवी 1924 में आई हो, लेकिन भारत में इसे आने में कुछ समय और लग गया था।

    भारत में कब हुई टीवी की शुरुआत

    साल 1924 में टेलीविजन के आविष्कार के तीन दशक बाद टीवी ने भारत में दस्तक दी थी। प्रेस सूचना ब्यूरो के मुताबिक 15 सितंबर, 1959 को यूनाइटेड नेशनंस एजुकेशनल, साइंटिफिक और कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (UNESCO) की मदद से देश में टेलीविजन की शुरुआत हुई थी। उस समय में टीवी की शुरुआत 'ऑल इंडिया रेडियो' के तहत हुई थी और आकाशवाणी भवन की पांचवीं मंजिल पर टीवी का पहला ऑडिटोरियम बना था। टीवी के इस पहले ऑडिटोरियम का उद्घाटन देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था।

    भारत में टेलीविजन का सफर

    शुरुआती दौर में टेलीविजन पर हफ्ते में दो बार दिन में एक घंटे के लिए प्रोग्राम चलाए जाते थे। इस कार्यक्रमों में सामुदायिक स्वास्थ्य, यातायात, सड़क नियम, नागरिकों के कर्तव्यों और अधिकारों जैसे विषय दिखाए जाते थे। इसके बाद साल 1975 में टीवी का हिंदी में नामकरण किया गया और इसे दूरदर्शन का नाम मिला। इस साल तक देश के सिर्फ सात शहरों में ही टेलीविजन की सेवा शुरू हुई थी। वहीं, दूरदर्शन का रोजाना प्रसारण साल 1965 से शुरू हुआ था।

    देश में पहली कलर टीवी कब आई

    वहीं, कलर टेलीविजन की बात करें तो जॉन लोगी बेयर्ड ने साल 1928 में दुनिया को पहला कलर टेलीविजन दिया। जबकि साल 1940 से इसकी पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग शुरू हुई थी। बात करें भारत की तो देश में साल 1982 से कलर टीवी और राष्ट्रीय प्रसारण की शुरुआत हुई थी। इसके बाद दूरदर्शन ने लंबे समय तक लोगों का मनोरंजन किया। इस दौरान हम लोग, बुनियाद, रामायण और महाभारत जैसे प्रतिष्ठित शो प्रसारित किए गए, जिसने पूरे देश को एक जुट किया। इसके बाद 26 जनवरी 1993 को दूरदर्शन ने अपना विस्तार करते हुए अपना दूसरा चैनल लॉन्च किया। दूरदर्शन के दूसरे चैनल ‘मेट्रो चैनल’ को बाद में डीडी 2 के नाम से जाना जाने लगा।

    खबरें और भी