घर को 'जंग का मैदान' बनने से बचाएं, बच्चों के बीच सुलह कराने के लिए आजमाएं ये 5 स्मार्ट तरीके
भाई-बहनों के बीच छोटे-मोटे झगड़े आम हैं, लेकिन माता-पिता समझदारी से इन्हें सुलझा सकते हैं। बच्चों की भावनाओं को पहचानें, उनकी तुलना न करें, और दोनों क ...और पढ़ें

कैसे करवाएं बच्चों की सुलह? (Picture Courtesy: Freepik)
HighLights
बच्चों के बीच छोटी-मोटी लड़ाई होना आम बात है
अगर झगड़ा बढ़ने लगे, तो बच्चों के मन में कड़वाहट आ सकती है
बच्चों के बीच सुलह करवाने में माता-पिता की अहम भूमिका होती है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भाई-बहन के बीच छोटे-मोटे झगड़े लगभग हर घर में देखने को मिलते हैं। कभी खिलौने को लेकर बहस, तो कभी पढ़ाई के समय एक-दूसरे को चिढ़ाना, ये सब नॉर्मल बातें हैं। हालांकि, अगर ये झगड़े बढ़ने लगें, तो घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है।
ऐसे में माता-पिता को समझदारी से स्थिति संभालनी चाहिए। पेरेंटिंग के कुछ आसान और असरदार टिप्स अपनाकर न केवल बच्चों के बीच प्यार बढ़ाया जा सकता है, बल्कि घर में शांति का माहौल भी बनाए रखा जा सकता है। आइए जानते हैं भाई-बहन के बीच रोज के झगड़ों से छुटकारा पाने के लिए कुछ असरदार पेरेंटिंग टिप्स के बारे में।
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(Picture Courtesy: Freepik)
कैसे शांत करें भाई-बहन का झगड़ा?
- दोनों की भावनाओं को मान्यता दें- अक्सर बच्चे इसलिए झगड़ते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी भावनाओं को सुना नहीं जा रहा। पेरेंट्स को चाहिए कि दोनों बच्चों की बात ध्यान से सुनें और उन्हें महसूस कराएं कि उनकी भावनाएं मायने रखती हैं।
- तुलना करने से बचें- ‘देखो, तुम्हारा भाई/बहन कितना अच्छा है’ जैसी बातें बच्चों के बीच कॉम्पटिशन और ईर्ष्या बढ़ा सकती हैं। हर बच्चे की अपनी क्षमता और रुचियां होती हैं, इसलिए तुलना करने की जगह उनकी विशेषताओं को प्रोत्साहित करें।
- समान ध्यान दें- कभी-कभी झगड़े सिर्फ इसलिए होते हैं, क्योंकि बच्चों को लगता है कि माता-पिता किसी एक को ज्यादा महत्व देते हैं। बच्चों को बराबर समय और ध्यान देना काफी जरूरी है जिससे वे खुद को समान रूप से महत्वपूर्ण महसूस करें।
- झगड़े में पक्ष न लें- पेरेंट्स अगर बार-बार किसी एक का पक्ष लेते हैं, तो दूसरा बच्चा असुरक्षित महसूस करने लगता है। कोशिश करें कि झगड़े में न्यूट्रल रहें और बच्चों को खुद ही सुलह करने के लिए प्रोत्साहित करें।
- समय-समय पर टीम एक्टिविटी कराएं- बच्चों को ऐसी गतिविधियों में शामिल करें, जिसमें उन्हें मिलकर काम करना पड़े, जैसे घर के छोटे काम, गेम्स या क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स। इससे उनके बीच सहयोग और आपसी समझ मजबूत होगी।
- उनके पॉजिटिव बिहेवियर को सराहें- जब बच्चे आपस में मिल-जुलकर खेलते या एक-दूसरे की मदद करते हैं, तो उनकी तारीफ जरूर करें। इससे वे दोबारा ऐसे ही पॉजिटिव बिहेवियर को दोहराने की कोशिश करेंगे।
- नियम और सीमाएं तय करें- घर में कुछ बेसिक नियम, जैसे- मारपीट नहीं करना, अपमानजनक शब्द नहीं कहना, स्पष्ट होने चाहिए। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि गुस्सा करना ठीक है लेकिन गलत तरीके से नहीं।
- पर्सनल स्पेस दें- हर बच्चे को अपनी प्राइवेसी और समय चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि उनकी पर्सनल स्पेस का सम्मान हो रहा है, तो वे ज्यादा शांत और समझदार बनेंगे।