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फिजिकल नहीं इमोशनल इंटीमेसी भी है उतनी ही जरूरी, इन तरीकों से बनाएं पार्टनर के दिल में अपने लिए खास जगह

Updated: Mon, 31 Aug 2026 09:46 AM (IST)

रोज की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव रिश्ते को पहले जैसा नया बना सकती है।

रिश्ते में इमोशनल इंटीमेसी बढ़ाने के टिप्स (Image Source: AI Generated)

रिश्ते में इमोशनल इंटीमेसी बढ़ाने के टिप्स (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। रिलेशनशिप में फिजिकल इंटीमेसी जितनी जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी है इमोशनल इंटीमेसी। यह एक दूसरे की आदतों, व्यवहार और भावनाओं को समझने के साथ डर और असुरक्षाओं को साझा करने का एक जरिया है, जो किसी भी रिश्ते में विश्वास बढ़ाकर इसे मजबूती देने में मदद करता है। 

यहां कुछ ऐसे तरीके बताए गए हैं जिनकी मदद से कपल अपने रिश्ते में इमोशनल इंटीमेसी को बढ़ा सकते हैं: 

तारीफ और लगाव दिखाएं 

एक छोटी सी तारीफ और उनके प्रति लगाव की भावना पार्टनर का दिन बना सकती है। यह उन्हें रिश्ते में मिलने वाले सपोर्ट का एहसास दिलाने के साथ इस भावना को भी बढ़ाता है कि वो भी आपकी जिंदगी में मायने रखते हैं। कुछ नहीं करना बस सुबह घर से निकलते समय पार्टनर को एक लव नोट रखकर जाएं या फिर कोई प्यार भरा मेसेज। 

अनुभवों को साझा करने का समय निकालें

हर दिन कम से कम 15 मिनट का समय अपने पार्टनर के साथ सिर्फ इसलिए बिताएं ताकि आप दिनभर के अनुभव उनसे साझा कर सकें। ये सभी अनुभव एक दूसरे को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे और भविष्य में किसी झगड़े के बाद समझदारी से काम लेने में भी भूमिका निभाएंगे। 

एक दूसरे के लक्ष्यों को सपोर्ट करें 

अगर पार्टनर एक दूसरे के लक्ष्यों में साथ देते हैं तो इससे भी रिश्ते में इमोशनल इंटीमेसी बढ़ती है। फिर यह हम सभी जानते हैं कि रिश्ता केवल प्यार और जिम्मेदारियों से नहीं आगे बढ़ता, उसमें सपने, महत्वाकांक्षाओं का भी उन ही मिश्रण होता है। 

नॉन सेक्शुअल फिजिकल टच 

नॉन सेक्शुअल फिजिकल टच सुरक्षा, अपनेपन और सुकून की भावना को बढ़ावा देता है। इससे दिनभर का तनाव कम होने के साथ ही कपल में एक दूसरे के प्रति भरोसे की भावना बढ़ती है। इस तरह के शरीरिक स्पर्श में पार्क में टहलते समय एक दूसरे का हाथ पकड़ना, सिर या कंधे पर हाथ या फिर वॉर्म हग शामिल हो सकती है। 

अपने डर और कमजोरियां शेयर करें 

पार्टनर से हमेशा अच्छी और पॉजिटिव बातें ही शेयर नहीं करनी है, इसके बजाय अपने मन के सारे डर और कमजोरियां भी साझा करना एक हेल्दी आदत है। ऐसा करने से पार्टनर रिश्ते में विश्वास के साथ सम्मान की भावना आती है। साथ ही, इससे व्यक्ति खुद को जज किए जाने के डर से बाहर निकलता है।