Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बच्चों को बनाना है जिम्मेदार और मेहनती, तो खेल-खेल में उन्हें ऐसे सिखाएं अच्छी आदतें

    Updated: Tue, 15 Apr 2025 08:53 PM (GMT+05:30)

    बच्चों की सही परवरिश (parenting tips) उनके बेहतर विकास के लिए बेहद जरूरी होती है। खासकर छोटे बच्चों को शुरू से ही कुछ बातें सिखाना जरूरी होती है। ये आ ...और पढ़ें

    बच्चों को ऐसे सिखाएं अच्छी आदतें (Picture Credit- Freepik)
    बच्चों को ऐसे सिखाएं अच्छी आदतें (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. बच्चों की परवरिश पर माता-पिता के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
    2. खासकर छोटे बच्चों को शुरू से ही कुछ बातें सिखाना जरूरी है।
    3. ऐसे में आप खेल-खेल में उन्हें कुछ अच्छी आदतें सिखा सकते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बच्चों के जीवन और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सही परवरिश बेहद जरूरी होती है। खासकर छोटे बच्चों के लिए यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। छोटे बच्चों इस बात की गहराई को बिल्कुल नहीं समझ सकते कि उनकी आदतें उनके पूरे जीवन को बदल सकती हैं।

    अच्छी आदतें उन्हें एक नेक दिल समझदार और सफल व्यक्तित्व का इंसान बनाती हैं और बुरी आदतें उन्हें उनके खुद के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसलिए अच्छी आदतें सिखाने के लिए बच्चे को गंभीरता से समझाने पर वे शायद ही समझें। ऐसे में ट्राई करें कुछ ऐसे आसान तरीकों के बारे में, जिससे खेल-खेल में ही वे अच्छी आदतों को सीख लें। आइए जानते हैं कि कैसे खेल-खेल में बच्चों को सिखाएं अच्छी आदतें-

    बच्चों को सिखाएं सेविंग्स

    बच्चे को पिग्गी बैंक दें और उन्हें अपने सभी पैसे उसमें स्टोर करने को कहें। इससे उनमें पैसे सेव करने की आदत भी डेवलप होगी। साथ ही वे पैसे के महत्व को भी समझना शुरू करेंगे। पिग्गी बैंक में पैसे इकट्ठे करने की आदत बचपन से ही सिखाने से उनके संपूर्ण जीवन के लिए उन्हें मनी मैनेजमेंट का ज्ञान मिलेगा।

    यह भी पढ़ें-  बच्चे अकेले घर पर? अब छोड़ दीजिए चिंता, ये सेफ्टी टिप्स बनेंगे आपकी तीसरी आंख

    मेहनत करना सिखाएं

    किसी भी गेम को खेलते समय उन्हें छोटे-छोटे टारगेट तय कर के दें। फिर उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए गाइड करें। गाइड करें लेकिन उनकी जगह एफर्ट न लगाएं। मेहनत और दिमाग बच्चे को ही लगाने को कहें। उदाहरण के लिए बच्चे से किसी टॉपिक पर लिखने को कहें और उन्हें इतना गाइड करें कि उन्हें कैसे क्या लिखना है। फिर समय सीमा दे कर उन्हें खुद मेहनत से लिखने दें। इससे बच्चे समय सीमा में रहते हुए अपने लक्ष्य के प्रति सचेत हो कर मेहनत करना सीखेंगे।

    खबरें और भी

    साथ खाना खाने की आदत डालें

    आजकल टीवी या मोबाइल देखते हुए बच्चे खाना खाते हैं, जो सरासर गलत है। खाने के समय ये नियम बनाएं कि सभी स्क्रीन और गैजेट खाने की टेबल से दूर रहेंगे। फिर खाना खाते समय दिलचस्प बातें करें, जिससे बच्चे के लिए डिनर टाइम एक मजेदार समय बने। इससे परिवार में बॉन्डिंग भी मजबूत होती है और हेल्दी ईटिंग हैबिट भी डेवलप होती है।

    साथ में बुक पढ़ें

    रोजाना बच्चे के साथ दस मिनट ही सही, कोई दिलचस्प किताब पढ़ने से उनकी रीडिंग हैबिट डेवलप होगी, उनकी वोकेबलरी अच्छी होगी, उन्हें किताबों से मिलने वाले ज्ञान का अनुभव होगा और उनकी कल्पनाशक्ति भी बढ़ेगी।

    यह भी पढ़ें-  क्या सोशल मीडिया के दलदल में धंसते किशोरों को बचाएगा Meta का 'टीन-सेफ' अकाउंट?