यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पेरेंट्स की इन गलतियों से सेल्फ डाउट करने लगते हैं बच्चे, इन टिप्स से भरें उनके अंदर कॉन्फिडेंस
बच्चों की सही परवरिश (Parenting tips) के लिए कई सारी बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। इसके लिए सही खानपान और संस्कारों के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास क ...और पढ़ें

HighLights
- बच्चों की परवरिश पर माता-पिता के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
- ऐसे में कई बार जाने-अनजाने में पेरेंट्स की कुछ आदतें उन्हें सेल्फ डाउट में डाल देती हैं।
- इसलिए कुछ टिप्स की मदद से आप बच्चे में कॉन्फिडेंस भर सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब बच्चा शारीरिक या मानसिक किसी भी रूप से प्रभावित होता है, तो ये एक पेरेंट के लिए बहुत ही दुखद स्थिति होती है। बच्चे किसी भी क्षेत्र में खुद को कम आंकते हैं या फिर उनका आत्मविश्वास कमजोर होता है, तो पेरेंट्स की दुविधा बढ़ सी जाती है।
इस स्थिति को हैंडल करने का सही तरीका न समझ में आने पर पेरेंट्स और बच्चे दोनों के ही जीवन में एक उलझन-सी बनी रहती है। ऐसे में पेरेंट्स को घबराने की जगह बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने की ये तरकीब अपनानी चाहिए, जिससे आपका बच्चा भी रहेगा हर क्षेत्र में आगे-
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बच्चे की गलतियों को मुद्दा न बनाएं
बच्चे अनुभवहीन होते हैं और ऐसे कई काम कर गुजरते हैं जो कि गलत होते हैं। ऐसे में उनकी गलतियां पर जोर से डांटने और उन्हें ताना मारने की जगह उन्हें समझाएं। सेंसिटिव बच्चे खास तौर पर इस डांट से प्रभावित हो सकते हैं और दोबारा कोई काम करने में अपने अंदर आत्मविश्वास कभी पैदा नहीं कर सकते। इसलिए उनकी गलतियां पर डांटने की जगह उन्हें कोशिश करने के लिए प्रेरित करें और हमेशा उन्हें एहसास दिलाएं कि आपको उनके ऊपर गर्व है।
उम्र के अनुसार काम दें
जब बच्चे उम्र के अनुसार काम करते हैं और जिम्मेदारियों को पूरा करते हैं, तो वे अंत में खुद को आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करते हैं। इससे वे स्वतंत्र महसूस करने के साथ जिम्मेदार भी बनते हैं और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
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आउटडोर गतिविधि कराएं
बच्चों को ऐसी आउटडोर गतिविधि में शामिल करें, जिससे उनका आत्मविश्वास दोगुना हो। जैसे पार्क में जा कर क्लाइंबिंग करना, किसी स्पोर्ट्स से जुड़ना, नेचर में मौजूद छोटी-छोटी चीजों को खोज कर बताना, कम्युनिटी में किसी की मदद करना। इन सभी चीजों से बच्चे का शारीरिक और मानसिक रूप से विकास होगा और वे खुद को जिम्मेदार समझेंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
अफर्मेशन बुलवाएं
बच्चे को पॉजिटिव अफर्मेशन बोलने को कहें जैसे “मैं बेस्ट हूं, मैं खुश हूं, मैं कॉन्फिडेंट हूं, मैं हिम्मती हूं”। नियमित रूप से ऐसे पॉजिटिव अफर्मेशन बोलने से उनका माइंडसेट भी इसी तरह होते जाता है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।