Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बच्चे बात-बात पर करने लगे हैं बदतमीजी, तो 7 तरीकों से कराएं उन्हें उनकी गलती का एहसास

    Updated: Mon, 05 Aug 2024 10:20 AM (IST)

    बच्चों को सही संस्कार देना बहुत जरूरी है। इसके लिए पेरेंट्स को कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखना चाहिए। खासकर तब अगर आपका बच्चा दुर्व्यवहार करना सीख गया ह ...और पढ़ें

    बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने के लिए डांटना जरूरी नहीं है (Picture Courtesy: Freepik)
    बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने के लिए डांटना जरूरी नहीं है (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. बच्चों को सही संस्कार देना बहुत जरूरी होता है।
    2. बच्चों के दुर्व्यवहार को सुधारने के लिए उन्हें डांटना सही विकल्प नहीं होता।
    3. उन्हें विनम्रता और अनुशासन के बारे में सिखाना बहुत जरूरी है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Parenting Tips: अनुशासन या डिसिप्लिन मनुष्य के जीवन का पहला सबक है, जो सभी पेरेंट्स अपने बच्चों को सिखाते हैं। ये बच्चों के बेहतर विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, कई बार छोटी-छोटी बातों पर चिल्लाना, किसी भी चीज के लिए जिद करना, किसी भी समय और जगह पर अपनी बात को मनवाने के लिए रोने लगना, अनावश्यक तोड़-फोड़ मचाना जैसे बच्चों के दुर्व्यवहार से अक्सर पैरेंट्स को शर्मिन्दा होना पड़ता है।

    इसके साथ ही बच्चे की जितनी भी एनर्जी होती है, वो गलत जगह वेस्ट हो जाती है। ऊपर से उनके इस व्यवहार से उनकी खुद की छवि भी शुरूआत से ही खराब होने लगती है। ऐसे में पैरेंट्स को बच्चों के इस व्यवहार पर चिल्लाने और डांटने की जगह उनसे सहानुभूति रखनी चाहिए और उन्हें समझाना चाहिए। आइए जानते हैं ऐसे बच्चों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए क्या टिप्स अपनाएं जा सकते हैं।

    खुद पर कंट्रोल रखें

    यदि आपका बच्चा गुस्सा हो रहा है या दुरव्यवहार कर रहा है, तो उन पर गुस्सा होने के बजाय खुद को शांत रखें और संयमित होकर उनसे उनकी परेशानी का कारण समझें और उसका हल निकालें।

    यह भी पढ़ें: Teenagers के सही विकास के लिए जरूरी है रिस्की प्ले, फायदे जान लेंगे तो बच्चों को कभी नहीं कहेंगे न

    परेशान रहकर बच्चे को अनुशासित नहीं कर सकते

    यदि आप किसी भी समस्या से ख़ुद ही परेशान हैं, और फिर ऐसे कंडीशन में अपने बच्चे को समझाना चाहते हैं, तो आपसे गलतियां हो सकतीं हैं, इसलिए बेहतर है कि आप खुद को थोड़ा समय दें और बाद में अपने बच्चे को ठंडे दिमाग से समझाएं।

    अपने बच्चे को आश्वासन दें

    अपने बच्चे को समझाएं की आप उन्हें समझ रहे हैं कि उन्हें किसी बात को लेकर परेशानी हो रही है, लेकिन इस विषय पर शांत हो कर बात करने की जरूरत है। इससे उन्हें समझ आएगा की परेशानी तो है पर व्यक्त करने का तरीका गलत है।

    खबरें और भी

    खुद को शिक्षित करें

    बच्चों के बेहतर विकास के लिए वीकली मीटिंग, पेरेंट्स स्टडी क्लासेस, राहत देखभाल शिविरों का हिस्सा बनें और अपने आस पास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। ऐसा करने से एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है और बच्चों में भी विनम्रता आती है।

    सुरक्षा के बारे में सिखाएं

    किसी भी परिस्थिति में सुरक्षित रहना सबका अधिकार है, इस बात को अपने बच्चों को सिखाएं। इससे उनमें सही, गलत का फर्क समझ आएगा। ऐसा करने से बच्चे में अपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की समझ विकसित होगी।

    बच्चे पर दबाव न डालें

    यदि आपका बच्चा किसी भी काम को करने की जिद करता है, तो उसे पनिश करने के बजाय आप उसके काम का हिस्सा बने। फिर इस काम को करने के फायदे और नुकसान को बताएं।

    यह भी पढ़ें: सिर्फ प्यार जताना ही काफी नहीं, बच्चों की सही ग्रोथ के लिए Healthy Parenting भी है जरूरी