यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तनाव व डिप्रेशन से जूझ रहे पार्टनर की इन तरीकों से कर सकते हैं आप मदद
अगर आपके रिश्ते में प्यार की जगह तनाव व डिप्रेशन ने ले ली है जिस वजह से लगातार लड़ाई- झगड़े हो रहे हैं साथ रह पाना मुश्किल हो रहा है तो तुरंत अलग होने ...और पढ़ें

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कई रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन अगर रिश्ते में एक या दोनों लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो इस पर ध्यान देने की जरूरत है। किसी मानसिक बीमारी के साथ या किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित पार्टनर के साथ रोजाना या हर वक्त रहना, आपके रिश्ते को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है।
मानसिक बीमारी से प्रभावित व्यक्ति के पार्टनर के लिए बातें करना उसे समझाना तनावपूर्ण हो सकता है। रिश्ते को हेल्दी बनाने से पहले खुद पर काम करना ज़रूरी है मतलब अपनी मानसिक स्थिति को मज़बूत और संतुलित करने पर ध्यान दें। तभी आप अपने पार्टनर को सही तरीके से हैंडल कर सकते हैं।
अगर आपके रिश्ते में भी कोई एक लगातार मेंटल प्रॉब्लम का सामना कर रहा है, तो ऐसे में ये जरूरी है कि मेंटल प्रॉब्लम का हल निकाला जाए। अपने पार्टनर के मेंटल इशू को सॉल्व किया जाए, लेकिन ये इतना आसान भी नहीं है, क्योंकि जिसे मेंटल इश्यूज़ होते हैं, वो आसानी से इसे मानते नहीं, जिस वजह से इस सिचुएशन से निपटना और ज्यादा कठिन हो जाता है।
मेंटल प्रॉब्लम से पार्टनर को निकालने में ऐसे कर सकते हैं उनकी मदद
सुनना है जरूरी
पार्टनर के व्यवहार पर नाराज हो जाना आसान है, लेकिन उसके अजीब बिहेवियर के बाद भी उसे सुनना आसान नहीं है। लेकिन अगर आप अपने पार्टनर से प्यार करती हैं और उसे सुधारना चाहती हैं, तो आपको ये करना ही होगा। अपने पार्टनर के कहे को सुनें। उसके बारे में जजमेंट देने से अच्छा है कि उसकी बातें सुनकर दुःख का अंदाजा लगाया जाए। देखिए वो किस बात से परेशान हैं और कैसे उनका मन शांत होगा। मतलब परेशानी है तो हल भी होगा। उस पर ध्यान दें।
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जैसे कुछ है ही नहीं
भले ही आपके पार्टनर को मेंटल प्रॉब्लम हैं, लेकिन आपको इसका असर अपने रिश्ते पर नहीं आने देना है। उन्हें मत दिखाइए कि आपको उनकी स्थिति का अंदाजा है। इसके लिए आपको अपना व्यवहार नार्मल रखना होगा। उन पर प्यार बरसाइए और अपना दोस्ती का रिश्ता भी नार्मल रखें।
खुद को संभालें
अगर आपका पार्टनर मेंटल हेल्थ को लेकर जूझ रहा है, तो ऐसे में खुद को संभालना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि पार्टनर की बीमारी की टेंशन आपको भी बीमार कर सकती है। पार्टनर इस स्थिति में नहीं है कि वो अपनी सारी जिम्मेदारियां निभा पाए, तो ऐसे में आपको ही मजबूती से डटे रहना होगा। बस ये सोचते हुए खुद का ध्यान रखें।
परेशानी सिर्फ उसकी नहीं
पार्टनर अगर मेंटल प्रॉब्लम झेल रहा है तो उसे ये बताना भी होगा कि ये उसके अकेले की परेशानी बिलकुल नहीं है। इसका असर उस पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर भी होगा। इसलिए उसे अपने दिल का हाल तुरंत आपको बताना चाहिए जिससे सिचुएशन खराब होने से पहले उसे कंट्रोल किया जा सके।
अपने आप नहीं होगा इलाज
पार्टनर को बताइए कि अपने आप सब ठीक होने का इंतजार करने से अच्छा है कि आप डॉक्टर से मिलें और मेंटल हेल्थ इंप्रूव करने को लेकर उनसे बातचीत करें। पार्टनर को बताएं कि मेंटल हेल्थ पर बात करना कोई शर्म की बात नहीं बल्कि सही गाइडेंस और मेडिसिन्स से इस स्थिति से निपटना आसान हो जाता है।
हेल्दी आदतें साथ-साथ
आप अपने पार्टनर के साथ कुछ अच्छी आदतें शुरू कर सकती हैं। ये वो आदतें हैं जो वो अकेले शायद ही करें, जैसे- सुबह वॉक करना, बैलेंस डाइट लेना और सिर्फ पॉजिटिव बातें ही करना। इन सबमें आप भी उनके साथ होंगे तो उन्हें इन चीज़ों को करने का मोटिवेशन मिलेगा और इसका असर उनकी मेंटल हेल्थ पर पड़ेगा। वो अच्छा फील करेंगे।
(डॉ इशिना चौधरी, काउंसलिंग साइकोलोजिस्ट से बातचीत पर आधारित)
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