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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ज्यादा सेंसिटिव बच्चे को इन तरीकों से सिखाएं इमोशन्स को कंट्रोल करना

    Updated: Mon, 22 Jul 2024 08:57 PM (IST)

    हर बच्चे का अपना व्यक्तित्व होता है और उनकी इमोश्नल क्षमता भी अलग-अलग होती है। कुछ बच्चे बहुत सेंसिटिव होते हैं जो हर बात को दिल पर ले लेते हैं। कई बा ...और पढ़ें

    बच्चों को ऐसे सिखाएं उनकी भावनाएं जाहिर करना (Picture Courtesy: Freepik)
    बच्चों को ऐसे सिखाएं उनकी भावनाएं जाहिर करना (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. सेंसिटिव बच्चों को अपनी भावनाएं व्यक्त करना सिखाएं।
    2. उन्हें अपनी बात को सहज तरीके से जाहिर करना सिखाना जरूरी है।
    3. उनकी बात को समझने की कोशिश करें।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वैसे तो सभी बच्चे प्यारे होते हैं, लेकिन हर बच्चों का अपना अलग-अलग व्यक्तित्व होता है। कुछ बच्चे विनम्र होते हैं, कुछ चंचल, तो कुछ बहुत अधिक सेंसिटिव होते हैं। अत्यधिक संवेदनशील या सेंसिटिव बच्चे बहुत ही भावुक स्वभाव के होते है। ये हर चीज को बहुत ही गहराई से से महसूस करतें हैं और उतनी तेजी इसपर अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त करते हैं, जिनमें कभी-कभी इनकी आक्रामकता भी सामने आ जाती है। महत्वपूर्ण बात तो यह है कि किसी भी बच्चे में मौजूद अत्यधिक सेंसिटिविटी उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी ताकत है, जो उसकी क्षमताओं को दर्शाता है। जिसे आप अपने सपोर्ट और डायरेक्शन से कंट्रोल कर सकते हैं। यदि आपका बच्चा भी बहुत सेंसिटिव है, तो उसे शांत करने के लिए कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।

    भावनाओं को व्यक्त करना सिखाएं

    अक्सर बच्चों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में कठिनाई महसूस होती है, जिससे वे अपने आप को व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में आप अपने बच्चों को कुछ शब्द देकर, उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करना सिखाएं, जैसे कि हां, नहीं, शायद, मैं दुखी हूं, निराश हूं या फिर मैं बहुत खुश हूं।

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    भावनाओं को मान्यता दें

    अति संवेदनशील बच्चे अक्सर ऐसा समझ लेते हैं कि उनके पैरेंट्स और दोस्त उनकी भावनाओं को गलत समझ रहे हैं। ऐसे में आपको अपने बच्चे की भावनाओं को मान्यता देते हुए उन्हें किसी भी काम को करने का सही रास्ता बताना होगा और उन्हें सही और गलत के अंतर को भी समझाना होगा।

    भावनाओं को शांत रखने के तरीके

    संवेदनशील बच्चे भावनाओं में बहकर अपनी तीव्र प्रतिक्रिया दे सकते हैं, जो कि आक्रामक हो सकता है। ऐसे में उन्हें अपनी भावनाओं को कंट्रोल करने का तरीका सिखाएं। जैसे कि स्ट्रेस बॉल को दबाना, गहरी लंबी सांस लेना, स्थिर होकर गिनती गिनना आदि।

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    शांति और सुरक्षा का माहौल

    अक्सर संवेदनशील बच्चे जिद करतें हैं, जिन्हें पूरा करना कई बार आसान नहीं होता और फिर ऐसे में बच्चे को शांत कराना पैरेंट्स के लिए एक टास्क बन जाता है। ऐसे में अपने बच्चे को उत्तेजक वातावरण से दूर रखना चाहिए और उनकी भावनाओं की अभिव्यक्ति के लिए एक शांति भरा सुरक्षित माहौल प्रदान करना चाहिए।

    प्यार और सहानुभति जताएं

    बच्चे को इस बात का एहसास कराएं कि वो आपके लिए खास हैं और आप उन्हें प्यार करतें हैं। इसके लिए आप अपने बच्चे के साथ समय व्यतीत करें, उनके काम में सहायता करें और उन्हें गले लगाएं।

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