यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार कम टकराव है ज्यादा, तो इसे अवॉयड करने के लिए आजमाएं ये तरकीबें
क्या आप भी उन कपल्स में से हैं जिनके रिलेशनशिप में प्यार कम तकरार ज्यादा होती रहती है तो ये रिश्ते के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। इसके चलते तनाव व अलगा ...और पढ़ें

HighLights
- लव मैरिज के मुकाबले अरेंज मैरिज में शादी के बाद होते हैं ज्यादा लड़ाई-झगड़े।
- आदतों में भिन्नता, मिसअंडरस्टैडिंग, मेच्योरिटी की कमी जैसी कई वजहें हो सकती हैं आए दिन होने वाले तकरार की।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। लड़ाई-झगड़े और नोक-झोंक के बीच का फर्क जानना बहुत जरूरी है। जहां छोटी-मोटी नोक-झोंक आपसी प्यार को बढ़ाने का काम करते हैं, तो वहीं लड़ाई-झगड़ा सिर्फ और सिर्फ तनाव बढ़ाने का। इस तनाव के चलते रिलेशनशिप में प्यार को पनपने का मौका ही नहीं मिलता। हालांकि लव मैरिज के मुकाबले अरेंज मैरिज में ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। सिचुएशन से निपटना जब बस के बाहर हो जाता है, तो Give up करने का ही ऑप्शन बचता है, लेकिन स्थिति इस लेवल तक पहुंचेगी ही नहीं, अगर आप थोड़ी समझदारी दिखाएं और धैर्य रखें।
अगर आप दोनों के बीच भी आए दिन झगड़े होते रहते हैं, तो इन तरीकों से करें सिचुएशन को हैंडल।
बहसबाजी से बचने की कोशिश करें
लड़ाई-झगड़े की शुरुआत किसी भी बात से हुई हो, अगर आप इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहते और स्थिति को ज्यादा खराब नहीं करना है, तो उस जगह से हट जाएं। बहसबाजी अवॉयड करने की कोशिश करें। जो ज्यादातर कपल्स नहीं करते। छोटी-छोटी बातों से शुरू हुई लड़ाई कब भयंकर रूप ले लेती है पता ही नहीं चलता। कई बार पार्टनर को देखकर भी दूसरे पार्टनर का गुस्सा भड़क जाता है, तो दूर हटने से ये स्थिति नहीं आएगी।
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बात को सुनना भी है जरूरी
कई बार कपल्स के बीच होने वाले झगड़े का मुद्दा ही होता है कि वो एक-दूसरे को सुनते और समझते नहीं। अगर आपके पार्टनर को भी ये शिकायत है, तो एक दफा आप सुनने का तरीका भी आजमाकर देख लें। झगड़े के दौरान खुद को सही साबित करने के चक्कर में लोग सामने वाली की बात नहीं सुनना चाहते, लेकिन यही गलती आपको नहीं करनी है।
थेरेपी लेने में कोई बुराई नहीं
लड़ाई-झगड़ा रोकने के सारे उपाय ट्राई करके देख लिए, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ रहा, सिचुएशन वैसी की वैसी ही है, तो प्रोफेशनल की हेल्प लेने में न हिचकिचाएं। वो जरूरी थेरेपी और सजेशन से आप दोनों के बीच के मनमुटाव को कम करने में हेल्पफुल साबित हो सकते हैं।