न झगड़ा, न वकील, न खर्चा...जानिये क्या है Quiet Divorce का नया ट्रेंड, जो बचा रहा कोर्ट के चक्कर
'क्वाइट डिवोर्स' एक नया ट्रेंड है, जिसे इन दिनों कई लोग पसंद कर रहे हैं। इसमें पति-पत्नी कानूनी रूप से साथ रहते हुए भी इमोशनली एक-दूसरे से अलग हो जाते ...और पढ़ें

जानें रिश्तों को खामोशी से खत्म करने का 'क्वाइट डिवोर्स' ट्रेंड (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या खामोशी से भी रिश्ते खत्म किए जा सकते हैं? जी हांं, बदलते वक्त ने रिश्तों को देखने का हमारा नजरिया पूरी तरह बदल दिया है। अब वो दौर पुराना हो चुका है, जब जिंदगी 'लोग क्या कहेंगे' के डर में कट जाया करती थी। आज लोग समाज से पहले अपनी मानसिक शांति और खुद की खुशी को चुन रहे हैं।
यही कारण है कि बेजान रिश्तों का बोझ ढोने के बजाय, लोग अब आजादी की खुली हवा में सांस लेना पसंद कर रहे हैं। इसी बदलाव के बीच तलाक का एक बेहद नया और मॉर्डन तरीका उभरकर आया है- 'क्वाइट डिवोर्स' (Quiet Divorce)। आखिर क्या है रिश्तों को खामोशी से खत्म करने का यह तरीका? इसे समझने के लिए हमने नई दिल्ली की सीनियर साइकोलॉजिस्ट, मोनिका शर्मा से बातचीत की। आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं-
क्वाइट डिवोर्स क्या है?
मोनिका शर्मा बताती हैं कि क्वाइट डिवोर्स, जिसे कई लोग 'साइलेंट डिवोर्स' के नाम से भी जानते हैं, आजकल रिश्तों में आने वाला एक नया बदलाव है। आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी स्थिति है, जब पति-पत्नी कानूनी तौर पर तो साथ होते हैं, लेकिन उनका दिल और दिमाग एक-दूसरे से अलग हो चुका होता है।
वे एक ही घर में रहते हैं, लेकिन पति-पत्नी की तरह नहीं, बल्कि रूममेट्स (Roommates) की तरह। उनके बीच न तो कोई प्यार बचा होता है, न ही झगड़े होते हैं। बस एक खामोशी होती है, जहां दोनों अपनी-अपनी दुनिया में व्यस्त रहते हैं और घर चलाने के लिए सिर्फ जरूरी बातचीत करते हैं।
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लोग क्यों चुन रहे साइलेंट डिवोर्स?
अक्सर लोग मजबूरी या सुविधा के कारण इस रिश्ते में बंधे रहते हैं। ऐसे में कुछ वजहों से लोग आजकल क्वाइट डिवोर्स को पसंद कर रहे हैं:-
- कानूनी पचड़ों से बचने के लिए: कोर्ट-कचहरी के चक्कर, वकीलों की फीस और संपत्ति के बंटवारे की सिरदर्दी से बचने के लिए।
- बच्चों की खातिर: कई लोग यह फैसला इसलिए लेते हैं, ताकि बच्चों को माता-पिता के अलग होने का दर्द न झेलना पड़े और उनकी पढ़ाई या परवरिश पर असर न आए।
- आर्थिक सुरक्षा: महंगाई और घर के खर्चों (जैसे लोन, ईएमआई) को अकेले उठाने के डर से भी लोग अक्सर इस रास्ते को चुनते हैं।
- समझौता: कुछ लोग सोचते हैं कि रोज-रोज के झगड़ों से बेहतर है कि एक छत के नीचे रहकर अपनी-अपनी अलग जिंदगी जी जाए।
क्वाइट डिवोर्स के फायदे क्या हैं?
जो लोग इस रास्ते को चुनते हैं, उन्हें इसमें कुछ फायदे दिखाई देते हैं, जो निम्न हो सकते हैं-
- तलाक लेने की प्रोसेस में होने वाला लाखों का खर्चा बच जाता है।
- समाज या रिश्तेदारों के सामने सब कुछ 'सामान्य' दिखता है, जिससे लोगों के सवालों का सामना नहीं करना पड़ता।
- घर के बिल, बच्चों की फीस और अन्य काम दोनों मिलकर संभाल लेते हैं, जिससे जिम्मेदारियां बंट जाती हैं।
- यह फैसला उन्हें भविष्य के लिए खुद को आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का मौका देता है।
'क्वाइट डिवोर्स' और 'प्राइवेट डिवोर्स' में क्या अंतर है
'क्वाइट डिवोर्स' और 'प्राइवेट डिवोर्स', जो ऐसे शब्द हैं, जिनमें लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं। यही वजह है कि कई लोग इन्हें एक ही मान लेते हैं। हालांकि, दोनों में एक बारीक अंतर होता है।
- क्वाइट डिवोर्स: इसमें कोई कानूनी तलाक नहीं होता। कागज पर आप शादीशुदा हैं, लेकिन असल जिंदगी में रिश्ता खत्म हो चुका है। यह सिर्फ एक-दूसरे से इमोशनली अलग होना है।
- प्राइवेट डिवोर्स: यह एक असली कानूनी तलाक है। इसमें पति-पत्नी कानूनन अलग हो जाते हैं, लेकिन वे इसे बिना किसी शोर-शराबे या तमाशे के बहुत ही गुप्त तरीके से इसे निपटाते हैं, ताकि दुनिया को भनक न लगे।