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    सिर्फ गॉसिप नहीं, लाइफलाइन है 'गर्ल गैंग'! जानिए हर महिला के लिए क्यों जरूरी है फीमेल फ्रेंडशिप

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 06:09 PM (IST)

    आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अक्सर अकेलापन महसूस करती हैं। यूसीएलए रिसर्च बताती है कि तनाव में महिलाएं 'ख्याल रखने और साथ निभाने' में यकीन र ...और पढ़ें

    गर्ल गैंग सिर्फ गपशप नहीं, महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए है लाइफलाइन (Picture Credit- AI Generated)

    गर्ल गैंग सिर्फ गपशप नहीं, महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए है लाइफलाइन (Picture Credit- AI Generated)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर खुद को अकेला महसूस करते हैं। सोशल मीडिया की चकाचौंध और आसपास लोगों के रहते हुए भी कुछ खाली-सा रहता है। खासकर महिलाएं अक्सर इस भावना को महसूस करती हैं।

    पति, बच्चे और परिवार हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा होते हैं, लेकिन हर महिला की मानसिक शांति के लिए एक और चीज बेहद जरूरी है और वह है उसकी 'गर्ल गैंग' यानी अपनी सहेलियों का एक मजबूत ग्रुप। दोस्तों का यह ग्रुप सिर्फ शॉपिंग या गपशप के लिए नहीं, बल्कि यह आपके मेंटल हेल्थ के लिए भी जरूरी है। सीनियर साइकोलॉजिस्ट मोनिका शर्मा से जानते हैं इसका पूरा साइंस-

    दोस्ती में भी छिपा है साइंस 

    आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि इंसान तनाव में या तो लड़ता है या उस सिचुएशन से भाग जाता है, जिसे इंग्लिश में Fight or Flight मोड कहा जाता है। हालांकि, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (UCLA) की एक रिसर्च बताती है कि महिलाओं का तरीका इससे बिल्कुल अलग है। महिलाएं तनाव में एक-दूसरे का 'ख्याल रखने और साथ निभाने' (Tend and befriend) में यकीन रखती हैं।

    इसलिए महिलाएं अपनी सहेलियों के ज्यादा करीब होती हैं। जब आप अपनी सहेलियों के साथ समय बिताती हैं, तो आपके शरीर में 'ऑक्सीटोसिन' नाम का फील-गुड हार्मोन रिलीज होता है। यह हार्मोन आपके स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) के लेवल को तुरंत कम देता है और आपको रिलैक्स करता है। इसलिए, जब आप बहुत ज्यादा थकी या परेशान हों, तो सहेलियों के साथ वक्त बिताना सिर्फ टाइमपास नहीं है, बल्कि यह तनाव कम करने का एक साइंटिफिक तरीका है

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    महिलाओं का 'सेफ स्पेस' 

    फीमेल फ्रेंडशिप बायोलॉजिकल फायदे नहीं देता, बल्कि आपको मेंटल पीस भी देता है। ऑफिस की टेंशन हो, रिश्तों की उलझन हो, वजन बढ़ने की फिक्र हो या घर और काम के बीच बैलेंस बनाने की जद्दोजहद- एक औरत ही दूसरी औरत का दर्द सबसे अच्छी तरह समझ सकती है।

    सबसे अच्छी बात एक महिला को अपनी सहेली को कभी सफाई नहीं देनी पड़ती। आपकी फीमेल फ्रेंड आपको बिना जज किए सुनती हैं। यह अपनापन उस अकेलेपन और घबराहट को दूर कर देता है, जो अक्सर डिप्रेशन का कारण बनता है।

    पार्टी और डिनर से कहीं बढ़कर है ये रिश्ता

    'गर्ल गैंग' का मतलब सिर्फ वीकेंड पर साथ घूमना या लंच-डिनर पर जाना नहीं है, बल्कि यह उससे बढ़कर होता है। जब भी आप लाइफ में किसी ऐसे मोड़ पर आती हैं, जहां कोई मुश्किल फैसला लेना हो, तो यही सहेलियां आपकी सबसे अच्छी गाइड बनती हैं। जब आप सफल होती हैं, तो वे आपके लिए जोर से तालियां बजाती हैं और जब आप टूटकर गिरती हैं, तो वही आपको संभालती हैं।

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