भारत से बाहर भी गूंजता है महादेव का नाम, पड़ोसी देशों से मॉरीशस तक मौजूद हैं ये प्राचीन शिव मंदिर
भारत से बाहर भी भगवान शिव को समर्पित प्राचीन शिव मंदिर मौजूद हैं।

दुनिया के 5 मशहूर शिव मंदिर (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। तकनीक और एआई की दुनिया सभी को भागने-दौड़ने पर मजबूर कर रही है। ऐसे में कुछ लोग अब अपने इस रूटीन से थक-हारकर सुकून और शांति की तलाश कर रहे हैं। कुछ लोग इसके लिए ऐतिहासिक जगहों का रुख करते हैं, कुछ पहाड़ों का तो कुछ लोगों को मंदिर सबसे शांति वाला स्थान लगता है।
अगर आप इस साल दुनिया में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो क्यों न इसकी शुरुआत भारत के पड़ोस में ही स्थित शिव मंदिरों के दर्शन से की जाए। आइए उनके बारे में विस्तार से जानते हैं:
पशुपतिनाथ मंदिर, नेपाल
नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर शैव सिद्धांत परंपरा के तमिल नयनमार संतों के ग्रंथों में 75 पाडल पेट्रा स्थलम में से एक है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि जो भी इस मंदिर के दर्शन करता है, उसका कभी पशु योनि में जन्म नहीं होता। बताते चलें कि यह मंदिर नेपाल में बागमती नदी के किनारे स्थित है।
मुनेश्वर मंदिर, श्रीलंका
इस बार रामेश्वरम के दर्शन करने के बाद आप श्रीलंका में भगवान शिव को समर्पित मुनेश्वर मंदिर का रुख करें। यह मंदिर श्री लंका में पुट्टलम जिले के चिलाव शहर में पूर्व दिशा में स्थित है। कहते हैं कि भगवान राम ने रावण के वध के बाद ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव से इसी स्थान पर प्रार्थना की थी।
कटासराज मंदिर, पाकिस्तान
यह शिव मंदिर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चकवाल जिले के पास साल्ट रेंज में स्थित है। इस मंदिर में एक तालाब है जिसे लेकर ऐसी मान्यता है कि जब माता सती ने आत्मदाह कर लिया, तब माता के वियोग में भगवान शिव ने इतने आंसू बहाए कि उसका तालाब ही बन गया।
प्रम्बानन मंदिर, इंडोनेशिया
प्रम्बानन इंडोनेशिया के जावा में योग्याकार्ता के पास स्थित 9वीं शताब्दी का बना एक भव्य शिव मंदिर है। आपको जानकार हैरानी होगी कि यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर और दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बेहतरीन वास्तुकला वाले मंदिरों में गिना जाता है।
गंगा तलाव, मॉरीशस
गंगा तलाव को मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन भी कहा जाता है। इसे वहां हिंदुओं का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। कहा जाता है कि 19 वीं शताब्दी में जब भारत से कुछ मजदूर मॉरीशस गए तो वहां जाकर उन्होंने ग्रैंड बेसिन नामक झील को गंगा समान माना। इसके साथ ही भोलेनाथ को भी यहां विरजमान किया। इसके बाद साल 2007 में 108 फीट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति को स्थापित किया और यह जगह हिंदुओं के लिए पवित्र हो गई।
