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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शि‍मला नहीं, भारत का पहला Hill Station कुछ और है; गर्मी से बचने के ल‍िए अंग्रेजों ने खोजा था ये ठ‍िकाना

    Updated: Sun, 18 May 2025 10:30 AM (IST)

    भारत में घूमने के ल‍िए कई जगहें मौजूद हैं। यहां सालों साल पर्यटकों की जबरदस्‍त भीड़ देखने को म‍िलती है। गर्मियों में अक्‍सर लोग ह‍िल स्‍टेशन का रुख कर ...और पढ़ें

    ये है भारत का सबसे पुराना ह‍िल स्‍टेशन।
    ये है भारत का सबसे पुराना ह‍िल स्‍टेशन।

    HighLights

    1. भारत में हिल स्टेशनों का इतिहास काफी पुराना है।
    2. 1823 में सबसे पहला ह‍िल स्‍टेशन बना था।
    3. आज यहां पर्यटकों की जबरदस्‍त भीड़ लगती है।

    लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई द‍िल्‍ली। भारत में घूमने वाले लोगों के शौकीनों की कमी नहीं है। गर्मियों में देशभर के लोग Hill Stations पर जाना पसंद करते हैं। हमारे यहां भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां जाकर आप सुकून के पल ब‍िता सकते हैं। वहीं कुछ ऐसी भी जगहें जो एडवेंचर के ल‍िए पूरी दुन‍िया में फेमस हैं। वैसे तो ज्‍यादातर लोग श‍िमला, मनाली, नैनीताल, मसूरी या कूर्ग और ऊटी जाना पसंद करते हैं।

    Hill Stations और अपनी खूबसूरती के ल‍िए उत्तराखंड और ह‍िमाचल प्रदेश की चर्चाएं तो पूरी दुनि‍या में होती है। लेक‍िन क्‍या आपने कभी सोचा है क‍ि भारत का पहला ह‍िल स्‍टेशन कौन-सा है? अगर आप सोचते हैं क‍ि श‍िमला या मनाली भारत का पहला ह‍िल स्‍टेशन है तो आप ब‍िल्‍कुल गलत है। जी हां, श‍िमला-मनाली या नैनीताल नहीं, बल्कि भारत का सबसे पहला Hill Station मसूरी है।

    उत्‍तराखंड की गोद में बसी है खूबसूरती 

    इसका भी अपना पुराना इत‍िहास है। इसे क्‍वीन ऑफ ह‍िल्‍स यानी क‍ि पहाड़ों की रानी कहते हैं। ये उत्‍तराखंड की गोद में बसा बेहद खूबसूरत टूर‍िस्‍ट प्‍लेस है। यहां ऊंचे-ऊंचे पहाड़, हर‍ियाली और ठंडी हवाएं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। गर्मियों में तो यहां जबरदस्‍त भीड़ लगती है। ऊंचाई पर बसे होने के कारण यहां गर्मियों में भी ठंड रहती है। लोग यहां आकर सुकून भरे पल ब‍िताते हैं। आज हम आपको मसूरी को ह‍िल स्‍टेशन का दर्जा देने की द‍िलचस्‍प कहानी बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से-

    आजादी से पहले बना ये ह‍िल स्‍टेशन

    भारत में अंग्रेजों के कारण हिल स्‍टेशन बना है। दरअसल, आजादी से पहले जब गर्मियां अपने चरम पर होती थीं तो ये अंग्रेज अपने पूरे परिवार के साथ यहां आकर रुकते थे। इसके बाद उन्‍होंने सोचा क‍ि ये तो ब‍िजनेस करने का अच्‍छा ऑप्‍शन हो सकता है। उन्‍होंने पैसे कमाने के ल‍िए यहां छोटी-छोटी झोपड़ि‍यां बनवाईं जो अब र‍िजॉर्ट्स में तब्‍दील हो चुकी हैं। धीरे-धीरे यहां बाजार, चर्च, स्कूल बन गए। सड़कों का भी विकास हो गया। अब ये जगह एक मशहूर हिल स्टेशन बन गई।

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    अंग्रेजों ने यहां लगवाया था सेब का पेड़

    ये भी कहा जाता है क‍ि यहां पर सबसे पहले अंग्रेजों ने ही सेब का पेड़ लगवाया था। अब यहां आपको देवदार के पेड़ ज्‍यादा देखने को मिलेंगे। आपको जानकर हैरानी होगी क‍ि मसूरी सबसे पहले झोपड़ी में ही बसा था। कुछ समय बाद अंग्रेजों ने बड़े-बड़े र‍िजॉर्ट्स बनवाए। आपको बता दें कि क्वीन ऑफ हिल्स की स्‍थापना 1823 में हुई थी। यानी क‍ि इसे बने पूरे 202 साल हो चुके हैं।

    कम पैसों में भी कर सकते हैं एंजॉय

    मसूरी ह‍िल स्‍टेशन समुद्र तल से 6758 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मसूरी न केवल अपनी खूबसूरत वादियों के लिए बल्कि अपने ऐतिहासिक महत्व के ल‍िए भी जानी जाती है। मसूरी को इसल‍िए भी खास कहा जाता है क्‍योंक‍ि यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। और तो और, आप यहां कम पैसों में भी एंजॉय कर सकते हैं।

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