एक तरफ 'सिलिकॉन वैली' तो दूसरी तरफ हम्पी का गौरव! इतिहास और आधुनिकता का संगम है कर्नाटक
कर्नाटक अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी संगम है।

क्या बनाता है कर्नाटक को इतना खास? (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण भारत में बसा कर्नाटक अपनी संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। अरब सागर की तटरेखा और पश्चिमी घाट की हरी-भरी पहाड़ियों वाला ये राज्य इतिहास के पन्नों में अपनी खास जगह रखता है। इतना ही नहीं, आज ये राज्य तकनीक के क्षेत्र में सबसे आगे है।
कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु को भारत का सिलिकॉन वैली भी कहा जाता है, जो दिखाता है कि यह राज्य आधुनिक तकनीक में कितना आगे है। आइए जानें इस राज्य में क्या-क्या खास है।
कर्नाटक की खूबसूरत जगहें
कर्नाटक में इतिहास और प्राकृति का खूबसूरत मेल है। यहां विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल हम्पी है, जो विजयनगर साम्राज्य की भव्यता की गवाही देता है। यहां विट्ठल मंदिर है, जो पाषाण रथ वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। इसके अलावा, वाडियार राजवंश का मैसूर पैलेस अपने आर्किटेक्चर के लिए जाना जाता है।
अगर प्रकृति की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं, तो कूर्ग और चिकमंगलूर के कॉफी के बागान, झरने और धुंध भरी पहाड़ियां आपका दिल जीत लेंगी। यहां चालुक्य शैली की प्राचीन गुफाएं बादामी और नक्काशीदार मंदिर ऐहोल और पट्टदकल भी हैं, जो भारतीय वास्तुकला का बेजोड़ नमूना पेश करते हैं।
कर्नाटक की संस्कृति
कर्नाटक की लोक संस्कृति में यक्षगान शामिल है, जिसमें रामायण और महाभारत जैसी कथाओं को नाटक और संगीत के जरिए पेश किया जाता है। कर्नाटक संगीत इस राज्य की पहचान है, जो शास्त्रीय संगीत का एक प्रकार है। दशहरा के समय मैसूर में 10 दिनों का उत्सव आयोजित होता है, जिसकी चलह-पहल और सजावट देखने लायक होती है।
बहुत लजीज है खान-पान
कर्नाटक के खान-पान में काफी विविधतता देखने को मिलती है। दाल, चावल, सब्जियों और खास मसालों से बना बीसी बेले भात यहां के मुख्य खान-पान का हिस्सा है। इसी तरह नीर डोसा, रग्गी मुड्डे, मैसूर पाक और फिल्टर कॉफी भी कर्नाटक के मुख्य व्यंजनों की सूची में शामिल हैं।
कर्नाटक का पारंपरिक पहनावा
कर्नाटक का कांजीवरम और मैसूर सिल्क की साड़ियां दुनियाभर में मशहूर हैं। यहां की महिलाएं त्योहारों पर इन साड़ियों को पहनती हैं। इसी तरह कासू माला भी कर्नाटक की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है। पुरुषों के पारंपरिक पहनावे में पंचै और कमीज शामिल है। साथ ही कंधे पर अंगवस्त्रम रखा जाता है और खास अवसरों पर मैसूर पेटा पहना जाता है।
