लाल चींटी की चटनी और भारत का 'नाइग्रा फॉल'... कभी सोचा है छत्तीसगढ़ को क्यों कहते हैं 'लैंड ऑफ सरप्राइजेस'?
छत्तीसगढ़ को लैंड ऑफ सरप्राइजेज कहा जाता है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, वन्यजीव और हस्तकला के लिए मशहूर है। ...और पढ़ें

छत्तीसगढ़ की खूबसूरत और संस्कृति की झलक (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के नक्शे को देखें, तो उसके बीच में आपको छत्तीसगढ़ नजर आएगा, जिसे लैंड ऑफ सरप्राइजेस भी कहा जाता है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और हस्तकला के लिए जाना जाता है। यहां हर व्यक्ति के लिए कुछ न कुछ खास है।
अगर आप वन्यजीव प्रेमी हैं, तो यहां के जंगल और नेशनल पार्क आपको देखने चाहिए, अगर आप प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो यहां के वॉटरफॉल आपका दिल जीत लेंगे, अगर आप इतिहास में रुचि रखते हैं, तो यहां आपको कई ऐतिहासिक खंडहर देखने को मिलेंगे और अगर आप खाने-पीने के शैकीन हैं, तो यहां के पकवान आपका दिल जीत लेंगे। आइए जानें छत्तीसगढ़ की खासियत।
प्राकृतिक खूबसूरती की मिसाल है छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ और कलकल बहती नदियां प्रकृति की खूबसूरती का बेहतरीन नमूना है। बस्तर जिले में स्थित चित्रकूट वॉटरफॉल को भारत का नाइग्रा फॉल भी कहा जाता है। इसके अलावा, तीरथगढ़, चरे-मरे और घटरानी वॉटरफॉल भी बेहद खूबसूरत हैं।
यहां मैनपत हिलस्टेशन भी है, जो अपनी ठंडी हवाओं और हरी-भरी वादियों के कारण छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। वहीं चिरमिरी को छत्तीसगढ़ का स्वर्ग कहा जाता है। वहीं, शिवनाथ नदी के बीच बसा मदूक द्वीप अपनी खूबसूरती से आपको हैरान कर देगा।
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अधयात्म का केंद्र
छत्तीसगढ़ में बहने वाली महानदी के तट पर बसा राम मंदिर, लक्ष्मण मंदिर और बौद्ध विहार हिंदू और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए काफी अहम हैं। यहां दंतेवाड़ा में 52 शक्तिपीठों में से एक दंतेश्वरी मंदिर भी है। कबीरधाम जिले में भोरमदेओ मंदिर अपनी बेहतरीन नक्काशी की वजह से छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहलाता है। वहीं राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है, क्योंकि यहां महानदी, पैरी और सोंदुर का संगम होता है।
वन्यजीव प्रेमियों के लिए स्वर्ग
छत्तीसगढ़ के अचानकमार वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, गुरु घासीदास, कांगर वैली और इंद्रावती नेशनल पार्क में आपको कई वन्यजीव देखने को मिल जाएंगे। यहां आपको वाइल्ड वॉटर बफैलो, बस्तर हिल मैना, स्लॉथ बीयर, गौर और बाघ देखने को मिल जाएंगे।
कला, शिल्पकला और लोक संगीत
छत्तीसगढ़ अपने हस्तशिल्प और कला के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है। बस्तर का बेल मेटल या ढोकरा शिल्प एक धातु कला है, जो सदियों पुरानी है और लोग इसे खूब पसंद भी करते हैं। इसके अलावा, यहां कोसा सिल्क की बुनाई होती है, जो अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।
लोक कला की बात करें, तो पंडवानी का नाम लेना जरूरी है। महाभारत की कथाओं को गाकर सुनाने की ये कला तीजन बाई के योगदान की वजह से आज दुनियाभर में जानी जाती है।
जायकेदार खान-पान
छत्तीसगढ़ का खान-पान अपने स्वाद और सादगी के लिए जाना जाता है। चावल के आटे और भाप से तैयार फरा बेहद स्वादिष्ट डंपलिंग्स हैं। वहीं बस्तर के जनजातिय क्षेत्र में अलग-अलग सब्जियों और पारंपरिक मसालों को मिलाकर एक स्वादिष्ट स्ट्यू बनाया जाता है, जिसे आमाट कहते हैं। इसी तरह लाल चींटियों की चटनी, कोदो की खीर, बफौरी और चीला भी अपने स्वाद के लिए जाने जाते हैं।