Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ...तो इसलिए है थाइलैंड सबसे बेहतर रोमांटिक जगह

    By Rahul SharmaEdited By:
    Updated: Mon, 11 Jul 2016 09:22 AM (IST)

    50-55 हजार रुपये के खर्च पर कोई जोड़ा रोमांस भरे तीन दिन थाईलैंड में बिताकर आ सकता है। ...और पढ़ें

    ...तो इसलिए है थाइलैंड सबसे बेहतर रोमांटिक जगह
    ...तो इसलिए है थाइलैंड सबसे बेहतर रोमांटिक जगह

    अगर आप अपने पार्टनर के साथ किसी रोमांटिक जगह पर जाना चाहते हैं तो आपके लिए थाईलैंड सबसे बेस्ट रहेगा। थाईलैंड में सैलानियों की पसंदीदा जगहों में राजधानी बैंकांक, पटाया व फुकेत जैसे तटीय इलाके के अलावा उत्तर में चियांग माई और दक्षिण में क्राबी भी हैं। क्राबी भी अपने खूबसूरत समुद्र तटों और समुद्र में पसरे पड़े बेमिसाल द्वीपों के लिए प्रसिद्ध है।

    चूंकि क्राबी में फुकेत व पटाया जैसी सैलानियों की भीड़ नहीं है, इसलिए भी थोड़े एकांत व सुकून की तलाश करने वाले नवविवाहित जोड़ों के लिए थाईलैंड में इससे बेहतर जगह कोई नहीं। क्राबी के निकट फीफी द्वीप का माया बे तो मानो कल्पनालोक सरीखा है।हालांकि क्राबी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, लेकिन भारत से क्राबी के लिए सीधी उड़ानें नहीं हैं। आपको पहले राजधानी बैंकांक ही जाना होगा। दिल्ली, मुंबई व कोलकाता से बैंकाक के लिए रोजाना कई उड़ानें हैं। दिल्ली व मुंबई से लगभग चार घंटे व कोलकाता से लगभग ढाई घंटे के हवाई सफर है। बैंकाक से क्राबी लगभग साढ़े सात सौ किलोमीटर दूर है। यह सफर आप अपने जेब, सुविधा व समय के अनुसार सड़क, ट्रेन, समुद्र व हवा के रास्ते कर सकते हैं।

    बैंकाक से क्राबी का रास्ता भी बहुत खूबसूरत है।थाईलैंड के क्राबी शहर, रेले बीच, होंग द्वीप, एओ नांग शहर में रुकने की अलग-अलग बजट की कई सुविधाएं हैं। ज्यादा महंगे होटलों व रिजॉर्ट के चक्कर में न पड़ना चाहें तो तीन से पांच हजार रुपये रोजाना के बीच कई अच्छे होटल आपको मिल जाएंगे। भारत से कई टूर ऑपरेटर 25 से 30 हजार रुपये के प्रति व्यक्ति खर्च पर तीन दिन थाईलैंड घुमाने ले जाने के लिए तैयार हैं। यानी 50-55 हजार रुपये के खर्च पर कोई जोड़ा रोमांस भरे तीन दिन थाईलैंड में बिताकर आ सकता है।
    क्या है खास
    फुकेट

    बैंकाक से 862 किलोमीटर दक्षिण में फुकेट है। थाईलैंड के इस सबसे बड़े द्वीप को अंडमान समुद्र का हीरा भी कहा जाता है। फुकेट प्रांत में कुल 40 छोटे-बड़े द्वीप हैं। मुख्य द्वीप उत्तर में दो पुलों के जरिये फांग नगा प्रांत से जुड़ा हुआ है। अंडमान समुद्र में फुकेट की जो बाकी तीन दिशाएं हैं उन्हें समुद्र की गहराइयां छानने के लिए बेहतरीन डाइविंग साइट्स में से एक माना जाता है। दूरी के लिहाज से थाईलैंड भारत के सबसे नजदीकी देशों में से है।
    पढ़ें-हिमालय पार की धरती लद्दाख
    पटाया

    फुकेट में तो तटों की प्राकृतिक बनावट का मोह ही सबको खींच लाता है जबकि पटाया में सैलानियों को हर सर्वोत्तम चीज उपलब्ध कराई जाती है। हर चीज का मतलब यहां हर उस चीज से है जिसकी कल्पना कोई व्यक्ति अपनी छुट्टियों को आनंददायक बनाने के लिए कर सकता है-सुकून, मनोरंजन, खेल, साइटसीइंग, मौज-मस्ती। यहां की नाइटलाइफ काफी चर्चित है और कुछ मायनों में काफी बदनाम भी। यहां रातभर चलने वाले रेस्तरां हैं, बार, थिएटर, कैबरे, नाइट क्लब, डिस्को, मसाज पार्लर वगैरह सबकुछ हैं। यहां की एक और अद्भुत चीज शॉपिंग है जो बेरोकटोक दिन-रात, चौबीसों घंटे की जा सकती है।
    ट्री टॉप एडवेंचर पार्क

    अगर आप व आपका हमसफर हों थोड़ा एडवेंचर प्रेमी तो क्राबी का यह आकर्षण आपको बेहद पसंद आएगा। घने जंगल में इन पेड़ों के बीच आप खुद को टार्जन महसूस करेंगे। पेड़ों पर बाइसाइक्लिंग आपको एशिया में शायद ही कहीं और मिले। लंबी-लंबी जिपलाइनों के अलावा रोप-ब्रिज, टार्जन स्विंग, फ्लाइंग स्केटबोर्ड, बहुत कुछ है यहां।

    फ्रा नांग बीच

    हाल ही में एक सर्वे में इसे दुनिया के दस सबसे खूबसूरत बीचों में शुमार किया गया था। एओ नांग बीच से नाव में 20 मिनट में यहां पहुंचा जा सकता है। ऐसी जगह जिसकी खूबसूरती और सुकून, दोनों आपको वाकई समूची दुनिया से दूर ले जाएंगे।
    टाइगर केव मंदिर

    यानी वाट थाम सुआ क्राबी शहर से तीन किलोमीटर दूर है। यहां की गुफाओं के भीतर चत्रनों पर बाघ के पंजों सरीखे निशान हैं। इसीलिए इन्हें टाइगर केव टेंपल कहा जाता है। आसपास की पहाडि़यों में कई गुफाएं हैं और खिरिवोंग घाटी में सैकड़ों साल पुराने वटवृक्ष हैं। बौद्ध साधना (मुख्यतया विपश्यना) का यह प्रमुख केंद्र ऐतिहासिक व पुरातात्विक लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यहां का मुख्य आकर्षण लाइमस्टोन की एक पहाड़ी पर 1272 सीढि़यां चढ़कर बुद्ध के पदचिह्न देखना है।

    पढ़ें- ये है इंडिया के बेस्ट मानसून स्पॉट