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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    International Yoga Day 2025: ऋषिकेश कैसे बना योग कैप‍िटल? आध्यात्म और संगीत से जुड़ी हैं कहानियां

    Updated: Thu, 19 Jun 2025 12:54 PM (IST)

    International Yoga Day 2025 - हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग के ल‍िए ऋषिकेश पूरी दुनिया भर में फेमस है। उत्तराखंड में स्थ ...और पढ़ें

    ऋषिकेश को योग नगरी के नाम से जाना जाता है। (Image Credit- Instagram)
    ऋषिकेश को योग नगरी के नाम से जाना जाता है। (Image Credit- Instagram)

    HighLights

    1. 21 जून को योग द‍िवस मनाया जाएगा।
    2. ऋषिकेश को योग की नगरी कहा जाता है।
    3. यहां सालों साल पर्यटकों की भीड़ रहती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Why Rishikesh is famous for yoga: हर साल 21 जून को International Yoga Day 2025 मनाया जाता है। इस दिन को खास बनाने के लिए पूरी दुनिया में कई प्रोग्राम्स होते हैं। योग हमें सेहतमंद रखने का काम करता है। योगासनों से तन, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। वहीं कुछ ऐसी भी जगहें हैं जो योग के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। उन्हीं में से एक है ऋषिकेश (Rishikesh yoga history)।

    उत्तराखंड में बसे ऋषिकेश (Rishikesh spiritual tourism) को पूरी दुनिया में योग नगरी के नाम से जाना जाता है। आप जब भी योग का नाम सुनते होंगे तो आपके दिमाग में सबसे पहले ऋषिकेश का ही ख्याल आता होगा। लेकिन आपने कभी सोचा है कि ऋषिकेश को ही योग नगरी या योग कैपिटल क्यों कहा जाता है? ये एक ऐसी जगह है जहां देश दुनिया से लोग योग सीखने आते हैं। यहां विदेशी पर्यटकों की संख्या भी जबरदस्त देखने को मिलती है। आज हम आपको बताएंगे कि ऋषिकेश को योग कहने के पीछे का कारण क्या है। आइए जानते हैं विस्तार से -

    भारत से ही जुड़ा है योग का कनेक्शन

    आपको बता दें कि योग की शुरुआत भारत से ही हुई थी। पुराणों और वेदों में भी इसका जिक्र देखने को मिलता है। योग से न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी संतुष्टि मिलती है। योग करने के लिए आपको शांत जगह पर जाना होता है। यहां आप सही ढंग से ध्यान लगा पाते हैं। योग की बात जब भी होती है तो लोग ऋषिकेश जाना ही पसंद करते हैं। इसे योग नगरी कहने के पीछे कई कहानियां हैं।

    ध्यान के लिए मौजूद हैं कई आश्रम

    इस जगह को यूं ही नहीं योग की राजधानी कहा जाता है। उत्तराखंड टूरिज्म के मुताबिक, यहां सालों साल देश-विदेश के सैकड़ों लोग योग और ध्यान सीखने के लिए आते हैं। यहां ऐसे कई आश्रम हैं जिन्हें योग, ध्यान और ज्ञान का केंद्र माना जाता है। वहीं कुछ आश्रम ऐसे भी हैं जो दुनियाभर में फेमस हैं। उत्तराखंड का पर्यटन विभाग तो हर साल ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन भी करता है।

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    सुनने को मिलती हैं कई कहानियां

    इसे योग नगरी कहने के पीछे कई पौराणिक कथाएं भी मिलती हैं। ऐसा माना जाता है कि रावण को मारने के बाद प्रभु श्री राम और उनके भाई लक्ष्मण यहां तप करने आए थे। वहीं फेमस म्यूजिक बैंड ‘बीटल्स’ से भी ऋषिकेश का एक खास कनेक्शन रहा है। बताया जाता है कि साल 1968 में Beatles के कुछ लोग ध्यान यानी के मेडिटेशन सीखने के लिए महर्षि महेश योगी के आश्रम में आए थे।

    इस कारण पूरी दुनिया में फेमस है ऋषिकेश

    इस आश्रम को अब Beatles Ashram के नाम से जाना जाता है। वे जब तक ऋषिकेश में रहे थे तब तक उन लोगों ने 48 गाने लिख डाले। जॉन लेनन ने तो ‘द हैप्पी ऋषिकेश सॉन्ग’ नाम का एक गाना भी रिकॉर्ड किया था। बस तभी से कई विदेशी आर्टिस्ट भी ऋषिकेश आए। यही कारण है कि ऋषिकेश को आज सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में योग और शांति का प्रतीक माना जाता है।

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    Source-

    • https://uttarakhandtourism.gov.in/destination/rishikesh