यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
देवक नदी पर तैयार हुआ पुल, भारत-पाक सीमा से तीन किमी है दूर; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन
Rajnath Singh in Jammu-Kashmir रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में आज देवक पुल का उद्घाटन कर दिया है। यह पुल जून 2023 में 3150 ला ...और पढ़ें

HighLights
- देवक नदी पर तैयार हुए पुल का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन
- यह पुल जून 2023 में 3150 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ था।
- पुल की लंबाई 422 मीटर है, भारत और पाक सीमा से 3 किमी है दूर
निश्चंत सिंह, सांबा। Rajnath Singh in Jammu-Kashmir: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आज जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में देवक पुल (Devak Bridge) का उद्घाटन किया। यह पुल जून 2023 में 3150 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ था।
पुल की लंबाई 422 मीटर है और इसे बनाने में सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation) ने मात्र ढाई वर्ष का समय लिया है। पुल का निर्माण अप्रैल 2021 को शुरू किया गया था। पुल देवक नदी पर अंतर्राष्ट्रीय सीमा (International Border) के साथ लगते कौलपुर गांव के पास बनाया गया है।
भारत और पाक सीमा से 3 किमी दूर है पुल
इस पुल से भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर है। इससे सीमा पर किसी भी समय स्थिति खराब होने पर सेना एवं अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) को सीमा पर पहुंचने में काफी मदद मिलेगी।
सुरक्षाबलों के साथ-साथ यह पुल स्थानीय लोगों के लिए भी बहुत लाभदायक सिद्ध हो रहा है। वहां के स्थानीय गांव कौलपुर, फूलपुर, पंगधौर सहित कई गांवों के स्थानीय निवासियों के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध हो रहा है।
1971 में पाकिस्तान ने की थी पुल को नष्ट करने की कोशिश
अक्सर बरसात के दिनों में नदी में पानी आ जाने से इन सभी गांव के लोगों को 15 से 20 किलोमीटर से ज़्यादा घूम कर आना पड़ता था। तरनाह पुल बैठ जाने के बाद कठुआ से जम्मू एवं विजयपुर की ओर जाने वाले लोगों के लिए यह पुल बेहतर साबित हुआ।
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वर्ष 1971 में भारत पाक युद्ध (Indian Pakistan War) के दौरान बसंतर और देवक नदी पर बने पुलों को नष्ट करने के लिए पाकिस्तान ने कई कोशिशे की थी क्यूंकि उन्हें इस बात की जानकारी थी अगर हम इन पुलों को नष्ट करने में सफल रहे तो जम्मू कश्मीर को भारत से अलग करने में सफल हो जाएंगे।
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सड़क मार्ग की 103 किलोमीटर है लंबाई
वहीं, सीमा सड़क संगठन की ओर से इस सड़क मार्ग का निर्माण पंजाब के जिला पठानकोट के सीमावर्ती गांव परमानंद से शुरू किया गया था। जो कि जम्मू कश्मीर के कठुआ, सांबा और जम्मू जिला के कई सीमावर्ती गांवों से होते हुए बिश्नाह में संपन्न होता है। इस सड़क मार्ग की लंबाई लगभग 103 किलोमीटर है और इस मार्ग पर 19 छोटे बड़े पुलों का भी निर्माण किया गया है।