विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एम्स भोपाल के NICU में 'चूहों का खतरा'; 72 घंटे में 25 मृत मिले, नवजातों पर मंडराया संक्रमण का साया

Published: Sun, 12 Apr 2026 02:37 PM (GMT+05:30)

एम्स भोपाल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में चूहों की मौजूदगी से गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले 72 ...और पढ़ें

एम्स भोपाल (फाइल फोटो)

एम्स भोपाल (फाइल फोटो)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी के साकेत नगर स्थित एम्स भोपाल में व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) जैसे अति संवेदनशील वार्ड में चूहों की मौजूदगी सामने आई है। पिछले 72 घंटों में यहां 25 से अधिक मृत चूहे मिलने से हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, अस्पताल के बेसमेंट में जमा कबाड़ और मेडिकल वेस्ट चूहों के पनपने का मुख्य केंद्र बन चुका है। यही से वे एसी डक्ट के जरिए ऊपरी मंजिलों और वार्डों तक पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि अब चूहों की आवाजाही अन्य वार्डों में भी साफ तौर पर देखी जा रही है।

शुरुआती जांच में सामने आया कि अब तक पेस्ट कंट्रोल की कार्रवाई सिर्फ वार्डों तक सीमित थी, जबकि असली समस्या बेसमेंट और कूलिंग डक्ट में लगातार बढ़ती रही। हाल ही में एसी मेंटेनेंस टीम को डक्ट के भीतर चूहों के बड़े नेटवर्क का पता चला, जिसके बाद कार्रवाई का फोकस बदला गया।

सफाई कर्मचारियों का कहना है कि दवा के असर से चूहे अब डक्ट से निकलकर वार्डों और गलियारों में आकर मर रहे हैं। इससे हालात और चिंताजनक हो गए हैं, क्योंकि मृत चूहों से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।

नवजातों की सेहत पर गंभीर खतरा

NICU में इस समय करीब 20 नवजात भर्ती हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है। ऐसे में चूहों की मौजूदगी और उनके शवों से फैलने वाले बैक्टीरिया, बाल और मल-मूत्र घातक संक्रमण का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों ने इसे बेहद संवेदनशील और खतरनाक स्थिति बताया है।

प्रबंधन का दावा, स्थिति नियंत्रण में

एम्स प्रबंधन का कहना है कि चूहों को नियंत्रित करने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके कारण वे बाहर आकर मर रहे हैं। साथ ही, मृत चूहों को तत्काल हटाकर प्रभावित क्षेत्रों को वैज्ञानिक तरीके से सैनिटाइज किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया प्रशिक्षित टीम की निगरानी में है।

यह भी पढ़ें- भोपाल में नकली नोटों का खेल, SBI की कैश डिपॉजिट मशीन ने खोली पोल, शिकायतकर्ता ग्राहक फरार

हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि देश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान में इस तरह की लापरवाही आखिर कब तक मरीजों की जान पर भारी पड़ती रहेगी।

चूहों और कॉकरोचों को मारने के लिए नियमित पेस्ट कंट्रोलिंग की जाती है। साफ-सफाई के दौरान ही चूहे मिले हैं, जिन्हें अस्पताल परिसर से हटाया जा रहा है।
- डॉ. केतन मेहरा, जनसंपर्क अधिकारी, एम्स भोपाल।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।