हिंदू लड़कियों को फंसाने साझा संपर्कों का सहारा, दोजख का डर दिखाकर मतांतरण...भोपाल में लव जिहाद का खौफनाक पैटर्न
भोपाल में 'लव जिहाद' के मामलों में साझा संपर्कों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अशोकनगर जिले की नाबालिग लड़कियों को मतांतरित कराया गया, जिनमें भावनात्मक कमजोरियों का फायदा उठाया गया।


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डिजिटल डेस्क, भोपाल। 'लव जिहाद की भोपाल फाइल्स' में कई सारे मामले बेहद खौफनाक हैं और अधिकतर में जिस तरह का पैटर्न है, उससे जिहादी गिरोह के तौर-तरीकों की तस्वीर साफ होती है। लव जिहाद के इस जाल में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है- साझा संपर्क। यानी पीड़ित का कोई एक ऐसा दोस्त, सहेली या परिचित, जो इस गिरोह के भी संपर्क में साजिशन आता है और किसी मुस्लिम लड़कों का ऐसी लड़कियों से परिचित कराता है। उसके बाद दोस्ती का प्रस्ताव, इंटरनेट मीडिया पर चैटिंग, होटल-रेस्टोरेंट में घुमाना-फिराना शुरू होता है। झूठे प्यार का झांसा दिया जाता है। नशे की लत लगाने की कोशिश होती है। उसके बाद जिहादी लड़के शोषण-ब्लैकमेलिंग कर लड़की को काबू में कर लेते हैं।
कमजोर लड़कियों को बनाया निशाना
अशोकनगर जिले की तीन नाबालिग लड़कियों को भोपाल में इसी जिहादी गिरोह के जाल में फंसाया गया। एसआईटी की अब तक की जांच में सामने आया है कि जिन तीन लड़कियों को फंसाकर मतांतरित कराया गया, उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि लगभग एक सी थी। एक पीड़िता भोपाल में मामा के यहां रहती थी। घर से उसका संपर्क सीमित था। उसको इस गिरोह के संपर्क में लाने वाली दूसरी लड़की के पिता उसकी मां के साथ नहीं रहते। उसकी तीसरी सहेली भी ऐसे ही बिखरे परिवार से है।
सहानुभूति जताकर झांसे में लिया
इस गिरोह ने उनकी इसी भावनात्मक कमजोरी को ट्रिगर किया। सहानुभूति हासिल की, प्यार और भरोसा जताकर इन्हें झांसे में लिया। बाद में शादी का प्रस्ताव रखकर मतांतरण करा दिया। उन पर जबरन इस्लामिक रीति-रिवाज थोपे। पिछले साल सामने आए गिरोह में जिहादियों ने टीआईटी कॉलेज और उससे जुड़ी हिंदू लड़कियों को इसी तरह फंसाया था।
दोस्ती के बाद शोषण, ब्लैकमेलिंग, भय का जाल
उसमें से कई पीड़िताएं गांवों और छोटे कस्बों से भोपाल में पढ़ने के लिए आईं थीं। गिरोह ने पूर्व संपर्कों के जरिये उनसे दोस्ती की, उसके बाद उनको होटल-रेस्टोरेंट और फार्म हाउसों में घुमाया, पार्टियों में ले गए, रोड ट्रिप कराई। शोषण कर वीडियो बना, जिसके आधार पर वे उन्हें ब्लैकमेल कर दूसरी लड़कियों को भी उनके जाल में फंसाने के लिए उनको इस्तेमाल करने लगे। पीड़िताओं ने पुलिस को जानकारी दी थी कि उनकोक मौलानाओं से मिलाया गया, जिन्होंने उन्हें दोजख (नरक) का डर दिखाकर इस्लाम अपनाने की सलाह दी। कहा कि इस्लाम अपनाकर ही दोजख से मुक्ति मिलेगी।
कुछ रेस्टोरेंट-क्लब अड्डे की तरह इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आ चुका है कि लव जिहाद गिरोह से जुड़े लोग भोपाल शहर के बाहरी इलाकों में स्थित कुछ कैफे और रेस्टोरेंट्स को अड्डा बना चुके हैं। 2025 में पिपलानी के आनंद नगर स्थित क्लब-90 रेस्टोरेंट में इसके सबूत मिले थे। इसको सील करने के बाद प्रशासन ने बुल्डोजर चला दिया था।
