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    भोपाल में स्पा सेंटर की आड़ में वर्षों से सेक्स रैकेट चला रही थीं जिहादी बहनें, सिर्फ हिंदू युवतियों को फांसती थीं, अहमदाबाद-बेंगलुरु तक जुड़े तार

    Updated: Tue, 24 Feb 2026 11:19 PM (GMT+05:30)

    भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में दो मुस्लिम बहनों ने रोजगार के बहाने हिंदू युवतियों को फंसाया। वे उन्हें स्पा सेंटर में नौकरी का लालच देकर देह व्य ...और पढ़ें

    आरोपित बहनें आफरीन व अमरीन।

    आरोपित बहनें आफरीन व अमरीन।

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    डिजिटल डेस्क, भोपाल। रोजगार का लालच देकर हिंदू युवतियों को भाइयों और प्रेमियों को सौंपकर मतांतरण करवाने वालीं जिहादी बहनों के मोबाइल से निकले सबूतों ने पुलिस जांच की दिशा मोड़ दी है। कट्टरपंथी बहनें बीते करीब चार साल से शहर में स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट चलाती थीं। इसके लिए वे भोली-भाली जरूरतमंद हिंदू युवतियों को ढूंढतीं, उनकी मददगार बनकर विश्वास जीततीं। फिर महंगी जीवनशैली के सपने दिखातीं, उन्हें क्लब-पब ले जातीं और एमडी ड्रग देकर अपने भाई और प्रेमियों को सौंप देती थीं।

    देहव्यापार संग मतांतरण का भी दबाव

    हिंदू युवतियां व महिलाएं जब पूरी तरह इनके चंगुल में फंस जातीं तो मतांतरण का दबाव बनाने लगतीं और फिर उनका जीवन पूरी तरह से बर्बाद करने के लिए जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल देतीं। बागसेवनिया पुलिस को आरोपित अमरीन, उसकी छोटी बहन आफरीन और प्रेमी चंदन यादव (मुस्लिम युवक) के मोबाइल से सेक्स रैकेट के वाट्सएप ग्रुप मिले हैं। इनमें आरोपितों व युवतियों का संपर्क भोपाल के अलावा अहमदाबाद और बैंगलुरू के क्लाइंट्स से भी दिखा है।

    दूसरे शहरों में भी भेजती थीं लड़कियां

    जिहादी बहनें इस रैकेट में सिर्फ हिंदू युवती-महिलाओं को जोड़ती थीं और उन्हें अलग-अलग शहरों में भेजती थीं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल की जांच अभी जारी है। वहीं एक पुलिस टीम अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अहमदाबाद रवाना हो चुकी है। मंगलवार को कोर्ट में दोनों पीड़िताओं के बयान दर्ज किए गए हैं।

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    पीड़िता बोली- गिरोह में आधा दर्जन लोग शामिल

    दुष्कर्म और मतांतरण से जुड़े सनसनीखेज गिरोह के उजागर होने के बाद पहली बार एक पीड़िता सामने आई। उन्होंने दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशन नवदुनिया से बातचीत में गिरोह को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पीड़िता के अनुसार इस नेटवर्क में आधा दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं, जिनकी भूमिकाएं अलग-अलग तय थीं।

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    गरीब लड़कियों को बनातीं शिकार

    उनका कहना है कि अमरीन और आफरीन पहले से मतांतरित हो चुकी गरीब एवं परेशान युवतियों को अपने साथ जोड़ती थीं। दोनों खासतौर पर हिंदू युवतियों और महिलाओं को तलाशतीं, उनसे सहज और सरल व्यवहार कर उनका विश्वास जीततीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलातीं। इसके बाद वे अमरीन के व्यक्तित्व को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करतीं और उनसे मुलाकात करवातीं।

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    पार्टियों में ले जातीं, ड्रग्स का भी इस्तेमाल

    धीरे-धीरे उन्हें अमरीन के घर पर बच्चे की केयरटेकर के रूप में नौकरी दिला दी जाती थी। इसके बाद जैसे ही उनके घर में हिंदू युवतियां जातीं तो उन्हें काफी सम्मान और रुपये दिए जाते। साथ ही उन्हें अमरीन अपने साथ पार्टियों में ले जातीं। कई बार एमडी ड्रग भी पार्टियों में दिया जाता था। इसके बाद अमरीन के प्रेमी चंदन, उसके भाई बिलाल, दोस्त चानू और अहमदाबाद में रहने वाले उसके मंगेतर यासिर से दुष्कर्म करवाया जाता था।

    हिंदू धर्म का करतीं अपमान

    अमरीन हिंदू धर्म को नीचा दिखाकर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाती थीं। वह भगवानों से लेकर गाय के बारे में अनर्गल बातें करतीं और मुस्लिम युवकों को सबसे बेहतर बताती थीं। दोनों सगी बहनें तलाकशुदा, कुछ ही सालों में बदल गई जीवनशैली28 वर्षीय अमरीन और 26 वर्षीय आफरीन की शादी हो चुकी थी, लेकिन वे अपने पतियों को तलाक दे चुकी हैं और अलग रहती हैं।

    मूलत: उनका परिवार ऐशबाग में रहता था, लेकिन मां की मौत के बाद पिता आफरीन के साथ अब्बास नगर और अमरीन अपने प्रेमी चंदन यादव के साथ बागसेवनिया स्थित सागर रॉयल विला के फ्लैट में किराये से रहती थी। उनकी तीसरी बहन फिदा भी शादीशुदा है और जहांगीराबाद में पति के साथ रहती है।

    पीड़िताओं से पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल में कुछ वाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिसमें देह व्यापार की शंका जताई जा रही है। आवश्यक होने पर उससे जुड़ी अन्य युवतियों से भी पूछताछ की जाएगी।
    - विवेक सिंह, डीसीपी जोन-2