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    ट्विशा शर्मा मौत प्रकरण: शव की सुपुर्दगी पर पुलिस लेगी कोर्ट से मार्गदर्शन, स्वजन ने सीएम हाउस के बाहर किया प्रदर्शन

    Updated: Sun, 17 May 2026 10:55 PM (IST)

    भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत का मामला उलझ गया है, परिजन शव लेने से इनकार कर रहे हैं, जिसके बाद पुलिस अंतिम संस्कार के लिए अदालत से मार्गदर्शन मांगेगी ...और पढ़ें

    भोपाल में सीएम हाउस के बाहर बैठे मृतका ट्विशा के परिजन।

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    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी के हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक नया कानूनी पेच फंस गया है। भोपाल एम्स की मर्चुरी में पांच दिनों से रखे मृतका के शव को जब परिजनों ने लेने से इन्कार कर दिया तो अब पुलिस शव की सुपुर्दगी और अंतिम संस्कार को लेकर भोपाल जिला अदालत का दरवाजा खटखटाने जा रही है।

    कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे के मुताबिक एम्स प्रबंधन ने ईमेल भेजकर लंबे समय तक शव सुरक्षित रखने में असमर्थता जताई है। थाना प्रभारी ने बताया कि सोमवार को पुलिस अदालत में आवेदन देकर मार्गदर्शन मांगेगी।

    सीएम हाउस के बार स्वजन का हंगामा

    इधर, न्याय की गुहार लेकर ट्विशा के स्वजन रविवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और करीब दो घंटे तक मुख्य गेट पर हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान चिलचिलाती धूप के कारण ट्विशा की मां बेहोश हो गईं, जबकि न्याय की मांग करते हुए उनके पिता सड़क पर ही लेट गए। बाद में अफसरों ने ट्विशा के पिता और भाई मेजर हर्षित शर्मा से चर्चा कर उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।

    स्वजन की यह मांग

    स्वजन की मांग है कि ट्विशा का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए और मामले की जांच प्रदेश से बाहर की एजेंसी को सौंपी जाए। वह आरोपितों को मिली अग्रिम जमानत का भी विरोध कर रहे हैं। मिसरोद एसीपी रजनीश कश्यप के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टीम में महिला अधिकारियों के साथ कटारा हिल्स और बागसेवनिया के थाना प्रभारी शामिल हैं।

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    एसआईटी ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को अब कॉल डिटेल रिकार्ड मिल गया है, जिससे यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपित की किस-किस से बात हुई और मृतका को पता चल सके कि मौत से ठीक पहले की बातचीत और आरोपितों की लोकेशन का पता लगाया जा सके।

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    यह है पूरा मामला

    नोएडा में रहने वाली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा का विवाह दिसंबर 2025 में शादी डॉट काम के माध्यम से भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता बेटे समर्थ सिंह से हुआ था। आरोप है कि 12 मई की रात ट्विशा ने नोएडा में अपनी मां को फोन कर ससुराल में प्रताड़ना की बात कही थी, जिसके दो घंटे बाद उसकी मौत की खबर आई।

    पुलिस ने सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है। इस मामले में बिना लिगेचर (फंदे का कपड़ा) मैच किए पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

    यह है प्रक्रिया

    नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत पुलिस कोर्ट में आवेदन देती है। धारा 194 में पुलिस सबसे पहले संदिग्ध परिस्थिति में मौत के मामले में शव का पंचनामा तैयार करती है और पोस्टमार्टम कराती है। धारा 497/503 मामले के दौरान संपत्ति की सुपुर्दगी से जुड़ी हैं, लेकिन कानूनी व्याख्या के अनुसार, लावारिस या स्वजन द्वारा छोड़े गए शव के अंतिम संस्कार और डिस्पोजल के लिए पुलिस इसी का सहारा लेकर मजिस्ट्रेट से मार्गदर्शन और आदेश मांगती है।

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    राज्यों के पुलिस मैनुअल में भी स्पष्ट नियम होते हैं कि यदि पोस्टमार्टम के बाद एक निश्चित समय (आमतौर पर 72 घंटे) तक शव को कोई नहीं लेता तो पुलिस उसका अंतिम संस्कार करा सकती है, लेकिन विवादित मामलों में पुलिस कानूनी सुरक्षा के लिए कोर्ट का लिखित आदेश चाहती है।