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    यूक्रेन से MBBS, भोपाल में जालसाजी... 1.40 लाख के नकली नोटों के साथ बंगाली डॉक्टर गिरफ्तार, साइबर ठगी में भी लिप्त

    Updated: Thu, 07 May 2026 09:23 PM (GMT+05:30)

    भोपाल में सैफुल इस्लाम नामक युवक पश्चिम बंगाल के मालदा से नकली नोट लाकर खपा रहा था। उसने यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 200-300 रुपये के बदले देता था 500 का नकली नोट।

    2. वह 60000 रुपये के नकली नोट बाजार में खपा चुका था।

    3. भोपाल में पत्नी के साथ सितंबर 2024 से रह रहा था।

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी में नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़ी गई है। आरोपित पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले का निवासी है, जिसने यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। वह पिछले कई महीनों से भोपाल में रहकर इन 500-500 रुपये के इन नोटों को 200-300 रुपयों से बदल रहा था। वह मालदा से ऐसे दो लाख रुपये के नोट लाया था, जिसमें से पुलिस को केवल एक लाख 40 हजार रुपये मिले हैं। यानी 60 हजार रुपयों के नकली नोट भोपाल के बाजार में खपा दिए गए हैं।

    अरेरा कॉलोनी में रह रहा था आरोपित

    पुलिस के अनुसार 25 वर्षीय सैफुल इस्लाम पिता अनवर उल इस्लाम भोपाल में शाहपुरा थाना क्षेत्र स्थित अरेरा कॉलोनी में अपनी पत्नी के साथ सितंबर 2024 से रह रहा है। आरोपित ने पूर्व में जर्मनी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन उसे बीच में छोड़कर यूक्रेन से एमबीबीएस की डिग्री पूरी की। इसी दौरान उसका संपर्क भोपाल की एक युवती से हुआ और सितंबर 2024 में उससे शादी करने के बाद यहां किराये के कमरे में रहने लगा। साथ ही वह भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरुरी एफएमजीई (फारेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) की तैयारी कर रहा था।

    मालदा से लाया नकली नोट

    पूछताछ में आरोपित ने बताया कि बंगाल के ही मालदा में रहने वाले एक युवक से उसकी दोस्ती है। उसने ही पिछले दिनों मुफ्त में करीब दो लाख रुपये के जाली नोट दिए थे। 28 मार्च को वह बंगाल से वापस भोपाल पहुंचा था। जिसके बाद उसने करीब एक सप्ताह में 60 हजार रुपये कीमत के 500 रुपये के नकली नोट विभिन्न क्षेत्रों में खपाए।

    दुकानों और मॉल में खपाए

    आरोपित का कहना है कि दोस्त ने उसे ये राशि ट्रायल के लिए दी थी। यह खेप पकड़ी नहीं जाती तो वे बड़ी मात्रा में नकली नोट खपाने की तैयारी में थे। पूछताछ में उसने बताया कि वह 200-300 रुपये तक में नकली नोट बेच देता था। साथ ही दुकानों और मॉल में खरीदारी के लिए भी नकली नोट का ही उपयोग करता था।

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    साइबर ठगों को म्यूल खाते देता था

    आरोपित सैफुल इस्लाम साइबर ठगी में भी लिप्त रहा है। वह साइबर ठगों को बैंक खाते बेचता है और इसी अपराध की वजह से पुलिस उसतक पहुंची। मंगलवार को यश जायसवाल नामक युवक ने कोहेफिजा थाने में उसकी शिकायत की थी। उसने पुलिस को बताया कि सैफुल ने एक मित्र के माध्यम से संपर्क कर सहयता के नाम पर उससे बैंक खाता मांगा, जिसमें कुछ राशि ट्रांसफर करवाई गई। उसके बाद से उसका बैंक खाता होल्ड कर दिया गया था। बैंक में उसने पूछताछ की तो मालूम हुआ कि बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी में किया गया है।

    पुलिस को संयोग से मिला नकली नोटों का सौदागर

    शिकायत के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, वहीं कुछ देर में पुलिस को उसी युवक द्वारा नकली नोट खपाने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने जब उसके शाहपुरा स्थित किराये के घर पर दबिश दी तो वहां से कई देशी-विदेशी सिम और कई बैंक खातों के दस्तावेज मिले। कोहेफिजा पुलिस को उसके पास से यूके की एक सिम भी मिली है। जिससे वह साइबर ठगों से संपर्क करता था। उसका तर्क है कि इस नंबर से पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर पाती।

    सुरक्षा एजेंसियां पहले ही जता चुकी है अंदेशा

    देश की सुरक्षा एजेंसियों ने बाजार में नकली मुद्रा के फैलाव को लेकर मार्च 2026 में चेतावनी जारी की थी। जिसमें बताया गया था कि पहले नकली नोट पाकिस्तान से नेपाल होते हुए भारत में प्रवेश करते थे, लेकिन नेपाल सीमा पर कड़ी निगरानी के बाद अब इस रैकेट का फोकस पश्चिम बंगाल के मालदा जिले पर शिफ्ट हो गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मालदा में नकली नोट छपाई यूनिट्स की बात बताई थी। कहा गया था कि ये यूनिट्स नकली नोट बनाने के लिए आवश्यक सामग्री पाकिस्तान से बांग्लादेश के रास्ते मंगवाती हैं। सुरक्षा एजेंसियों की पुरानी कार्रवाई में नकली नोट के लिए उपयोग होने वाला कागज पाकिस्तान और चीन का होना पाया गया है, जिससे इस प्रकरण में भी पाकिस्तान या चीन के कागज का नकली नोट हो सकता है।

    एक ही सीरियल नंबर के कई नोट मिले

    कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला का कहना है कि आरोपित के पास तलाशी में 1.40 लाख रुपये के 280 नकली नोट मिले थे। हालांकि पहली नजर में नोट बिल्कुल असली जैसे प्रतीत हो रहे थे, जिससे निश्चित तौर पर उच्च गुणवत्ता की प्रिटिंग हुई है, लेकिन जब नोट की गड्डियों की जांच की गई तो कई सारे नोट एक ही सीरियल नंबर के दिखाई दिए। जिसके बाद पुलिस ने गहराई से जांच की और नकली नोट होना पाया।

    आरोपित जाली नोट के साथ गिरफ्तार हुआ है, जो बंगाल से लाकर भोपाल में खपा रहा था। पुलिस नकली नोट की पूरे चेन को पकड़ना का प्रयास कर रही है, इसीलिए आरोपित को बंगाल ले जा रहे हैं। जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपित भी गिरफ्तार किए जाएगें।
    संजय कुमार, भोपाल पुलिस आयुक्त