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    भोपाल में फर्जी निकाह और प्रताड़ना का पर्दाफाश : अधिवक्ता से धोखाधड़ी करने वाली महिला को 2 साल की सजा

    Updated: Wed, 21 Jan 2026 04:45 PM (IST)

    भोपाल में न्यायिक मजिस्ट्रेट मेघा अग्रवाल ने एक महिला हसीना को अधिवक्ता से धोखाधड़ी कर निकाह करने और प्रताड़ित करने के मामले में दोषी ठहराया है। महिला ...और पढ़ें

    आरोपी महिला को न्यायालय ने दंडित किया (प्रतीकात्मक चित्र)

    आरोपी महिला को न्यायालय ने दंडित किया (प्रतीकात्मक चित्र)

    HighLights

    1. हसीना नामक महिला को धोखाधड़ी और प्रताड़ना का दोषी पाया गया।

    2. न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे दो वर्ष कारावास और अर्थदंड सुनाया।

    3. महिला ने अधिवक्ता से फर्जी निकाह कर मानसिक प्रताड़ना दी।

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। अधिवक्ता से धोखाधड़ी कर निकाह करने और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मेघा अग्रवाल की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपित महिला हसीना को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

    परिवादी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नजर खान ने बताया कि आरोपित महिला ने स्वयं को तलाकशुदा और प्रताड़ित महिला बताकर परिवादी अधिवक्ता से निकाह का प्रस्ताव रखा था। 27 मई 2022 को भोपाल में निकाह के बाद वह परिवादी के घर रहने लगी। कुछ समय बाद उसने अपनी दोनों पुत्रियों को भी साथ बुला लिया।

    इसके बाद आरोपित महिला का व्यवहार बदल गया। वह परिवादी और उसके बड़े भाई के साथ गाली-गलौज, मारपीट और धमकियां देने लगी। आरोप है कि महिला ने मकान अपने नाम करवाने का दबाव बनाया और विरोध करने पर झूठे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी।

    जांच के दौरान सामने आया कि आरोपित महिला पहले भी कई पुरुषों से बिना तलाक लिए निकाह कर चुकी थी और फर्जी शपथ-पत्रों के जरिए धोखाधड़ी करती रही है। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर परिवादी और उसका भाई घर छोड़ने को मजबूर हो गए।

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    मामला यहीं नहीं रुका। 12 जनवरी 2024 को एक मारपीट की घटना के बाद बड़े भाई द्वारा जहर सेवन किए जाने का मामला सामने आया। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस संबंध में थाना शाहजहांनाबाद में आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध भी दर्ज किया गया था।

    न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपित महिला को धोखाधड़ी और प्रताड़ना का दोषी माना। फैसले में अदालत ने कहा कि इस प्रकार के कृत्य न केवल व्यक्ति विशेष बल्कि पूरे समाज के लिए घातक हैं और ऐसे अपराधों के प्रति कठोर दृष्टिकोण अपनाया जाना आवश्यक है।