ट्रेन में खान-पान सामग्री की मनमानी कीमतों पर IRCTC का डिजिटल वार, स्टाफ की वर्दी में लगेगा QR कोड, व्यवस्था होगी पारदर्शी
रेल यात्रियों की सुविधा हेतु IRCTC ने ट्रेन स्टाफ और वेंडरों की वर्दी पर QR कोड लगाने का निर्णय लिया है। इससे यात्री मेन्यू, कीमतों की जानकारी ले सकें ...और पढ़ें

ट्रेन में ऑन-बोर्ड स्टाफ की वदी में लगेंगे क्यूआर कोड (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, भोपाल। रेल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और ऑन-बोर्ड सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए IRCTC ने बड़ा कदम उठाया है। अब ट्रेन स्टाफ और फूड वेंडरों की वर्दी पर QR कोड लगाया जाएगा। इस पहल का मकसद अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों पर रोक लगाना और यात्रियों को खाद्य सामग्री की वास्तविक कीमतों की जानकारी देना है।
IRCTC के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. एके सिंह के अनुसार, यात्री QR कोड स्कैन करते ही अपने मोबाइल पर उपलब्ध खाद्य सामग्री, पूरा मेन्यू और उसकी आधिकारिक कीमतें देख सकेंगे। इसी QR कोड के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी मिलेगी। यात्री कार्ड, यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से तुरंत भुगतान कर सकेंगे।
कहां से होगी शुरुआत
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि यह योजना सेंट्रल रेलवे, वेस्ट सेंट्रल रेलवे और कोंकण रेलवे के सहयोग से लागू की जा रही है। इसकी शुरुआत मुंबई से चलने वाली प्रीमियम ट्रेनों से होगी। आने वाले समय में इसे देशभर की ट्रेनों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों तक विस्तार देने की तैयारी है।
वर्दी और QR कोड का नया स्वरूप
वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑन-बोर्ड स्टाफ को नेवी ब्लू जैकेट पहनाई जाएगी, जिस पर हेल्पलाइन नंबर भी अंकित रहेगा। अन्य ट्रेनों के कर्मचारियों को हल्के नीले रंग की टी-शर्ट दी जाएगी। सभी स्टाफ और वेंडरों के लिए QR कोड युक्त आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य होगा। QR कोड वर्दी पर भी लगा होगा, जिससे ट्रेन के अंदर ही जानकारी और भुगतान दोनों की सुविधा मिल सकेगी।
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यात्रियों को यह फायदा
इस नई व्यवस्था से ट्रेन में खाने-पीने की सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और ओवरचार्जिंग की शिकायतें कम होंगी। डिजिटल भुगतान की सुविधा से यात्रा न सिर्फ आसान बल्कि अधिक सुरक्षित भी बनेगी। यात्रियों को मेन्यू, कीमत और भुगतान से जुड़ी पूरी जानकारी तुरंत मिल सकेगी।
यह है योजना
IRCTC का लक्ष्य इस प्रणाली को भविष्य में देशभर की सभी ट्रेनों में लागू करना है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से यात्रियों का सफर अनुभव बेहतर होगा और ऑन-बोर्ड सेवाओं से जुड़ी शिकायतें न्यूनतम स्तर पर पहुंचेंगी।