Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'औकात में रहो', सदन में कैलाश विजयवर्गीय के बयान से विपक्ष आक्रामक, मंत्री के बंगले की सुरक्षा बढ़ाई

    Updated: Fri, 20 Feb 2026 02:26 PM (IST)

    मध्य प्रदेश विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के 'औकात में रहो' बयान पर विपक्ष आक्रामक हो गया है, इसे आदिवासियों का अपमान बता रहा है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को लेकर दिए गए 'औकात में रहो' बयान पर विपक्ष बिफर उठा है और आक्रामक मूड में है। कांग्रेस इसे आदिवासियों का अपमान बातकर मुद्दा बना रही है। शुक्रवार को विधानसभा पहुंचते ही नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने बयान दिया कि मंत्री किसके लिए ऐसे बयानों का प्रयोग कर रहे है। उधर इस बीच भोपाल में मंत्री विजयवर्गीय के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक बार-बार इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। इसी दौरान सदन में हंगामे के बीच कई बार कार्यवाही को स्थगित किया गया। अदाणी समूह और सरकार के बीच हुए बिजली समझौते को लेकर पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बहस हुई। तभी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को लेकर यह बयान दिया था।

    यह भी पढ़ें- MP OBC Reservation: मप्र हाई कोर्ट में होगी 27% ओबीसी आरक्षण की सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने वापस भेजा मामला

    इसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाई सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के सदस्य भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया।

    मुख्यमंत्री ने मांगी माफी

    हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे संसदीय मर्यादा बनाए रखने के पक्षधर हैं। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उनका 37 वर्ष का संसदीय अनुभव है और वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं। उन्होंने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही।