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MP News : मंत्री विजय शाह की तरह विधायक प्रीतम लोधी को भी बचाने की कवायद, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भेजी रिपोर्ट

Updated: Tue, 21 Apr 2026 09:54 PM (IST)

मंत्री प्रहलाद पटेल ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को विधायक प्रीतम लोधी की ओर से सफाई दी। 28 अप्रैल को लोधी समाज का सम्मेलन होने जा रहा है, इसलिए पार्टी फूंक-फूंककर कदम रख रही है।

मंत्री विजय शाह व विधाक प्रीतम लोधी।

मंत्री विजय शाह व विधाक प्रीतम लोधी।

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संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके चर्चा में आए मध्य प्रदेश आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह की तरह शिवपुरी जिले से पिछोर के भाजपा विधायक प्रीतम लोधी को भी भाजपा बचाना चाहती है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में प्रदेश संगठन से घटनाक्रम की जानकारी मांगी। प्रदेश संगठन ने लोधी के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को जानकारी भेज दी गई है। इससे पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पंचायतराज मंत्री प्रहलाद पटेल के बीच चर्चा हुई। पटेल ने लोधी की ओर से संगठन को सफाई दी।

कार्रवाई से इसलिए हिचक रही पार्टी

प्रदेश में लोधी समाज का 28 अप्रैल को एक सम्मेलन प्रस्तावित है, इसलिए पार्टी विधायक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करना चाह रही है। दरअसल, विधायक प्रीतम लोधी मामले में भाजपा का प्रदेश नेतृत्व फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रहा है। पार्टी संगठन का कोई भी नेता इस बारे में प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। इन दिनों न्यूज चैनल में होने वाली डिबेट में भी भाजपा का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हो रहा है।

आईपीएस को धमकाया था प्रीतम ने

बता दें कि विधायक प्रीतम लोधी का मामला गत 16 अप्रैल का है। विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार गाड़ी से पांच लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, तो विधायक लोधी ने करैरा के प्रशिक्षु आईपीएस एसडीओपी आयुष जाखड़ को सीधे तौर पर धमकी दी। उन्होंने एक वीडियो में कहा- अपनी औकात में रहो... क्या करैरा तुम्हारे 'डैडी' का है? इसके बाद से लोधी लगातार वीडियो जारी कर प्रशिक्षु आईपीएस को धमका रहे हैं।

विधायक नरेंद्र कुशवाह ने भी दिखाया था कलेक्टर को घूंसा

भिंड से भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच अगस्त 2025 में एक गंभीर विवाद हुआ था। कुशवाह जिले में किसानों को हो रही खाद की किल्लत को लेकर कलेक्टर के बंगले के बाहर धरने पर बैठे थे। जब तत्कालीन कलेक्टर चर्चा के लिए बाहर आए, तो दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान विधायक ने कलेक्टर पर मुक्का (घूंसा) तान दिया और उन्हें कथित तौर पर अपशब्द कहे। बहस के दौरान कलेक्टर ने कहा कि वह रेत चोरी नहीं चलने देंगे, जिस पर विधायक ने कलेक्टर को ही चोर कह दिया था। इस व्यवहार के बाद भाजपा संगठन ने विधायक को भोपाल तलब किया और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। संगठन ने इस आचरण को 'पार्टी लाइन के विपरीत' और 'अनुशासनहीनता' माना था।

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आईपीएस अधिकारी को मारा था थप्पड़

कुशवाह का विवादों से पुराना नाता रहा है और उन पर पहले एक आईपीएस अधिकारी को थप्पड़ मारने के आरोप भी लग चुके हैं। मार्च 2012 में होली के दिन, भिंड के तत्कालीन एडिशनल एसपी और आइपीएस अधिकारी जयदेवन ए. अवैध शराब की बिक्री की सूचना पर लहार में छापेमारी करने गए थे। आरोप है कि वहां विधायक और उनके समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला किया, जिसमें विधायक ने आईपीएस अधिकारी को थप्पड़ मार दिया था। इस मामले में 2017 में एक स्थानीय अदालत ने विधायक और उनके बेटे को आरोपी बनाया था। जो अभी भी अदालत में चल रहा है।