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    MP Board 5th-8th Exams: 5 मार्च से शुरू होगा 5वीं-8वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन, जानें कब आएगा रिजल्ट

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 08:08 PM (GMT+05:30)

    मध्य प्रदेश में पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 5 मार्च से शुरू होकर 14 मार्च तक चलेगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने 25 मार्च ...और पढ़ें

    उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन (प्रतीकात्मक चित्र)

    उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन (प्रतीकात्मक चित्र)

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    डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में आयोजित पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 28 फरवरी को संपन्न हो चुकी हैं। अब राज्य शिक्षा केंद्र पांच मार्च से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य की शुरुआत करेगा। यह प्रक्रिया 14 मार्च तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है।

    अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा परिणाम 25 मार्च तक घोषित किए जाने की संभावना है, ताकि एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं नियमित रूप से प्रारंभ हो सकें।

    ब्लॉक स्तर पर बनेंगे मूल्यांकन केंद्र

    इस वर्ष पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए कॉपियों की जांच ब्लॉक स्तर पर बनाए गए समन्वयक केंद्रों पर की जाएगी। परीक्षा पोर्टल के माध्यम से मूल्यांकन केंद्रों का आवंटन होगा।

    करीब एक लाख शिक्षकों को इस कार्य में लगाया गया है, जिनमें लगभग 20 हजार निजी स्कूलों के शिक्षक और अतिथि शिक्षक भी शामिल हैं। निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी शिक्षक को उसके स्वयं के जनशिक्षा केंद्र अंतर्गत आने वाले विद्यालयों की उत्तरपुस्तिकाएं जांचने के लिए आवंटित नहीं किया जाएगा, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। वरिष्ठ और अनुभवी शिक्षकों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

    मोबाइल पर सख्ती, ऑनलाइन होगी अंक प्रविष्टि

    मूल्यांकन केंद्रों में गोपनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षकों के मोबाइल फोन अंदर ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि विद्यार्थियों के अंक ऑनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया मोबाइल के माध्यम से ही संपन्न होगी।

    यदि किसी विषय या कक्षा के लिए 15 मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए जाते हैं, तो उनके पर्यवेक्षण के लिए एक उपमुख्य परीक्षक की तैनाती अनिवार्य होगी।

    अल्पभाषाओं के लिए विषय विशेषज्ञ

    मराठी, उर्दू, संगीत, पंजाबी, उड़िया, गुजराती और संस्कृत जैसी अल्पभाषाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन हेतु विषय विशेषज्ञों की विशेष व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर निजी विद्यालयों के शिक्षकों की भी सेवाएं ली जाएंगी।

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    तीन स्तर पर होगी विशेष कॉपियों की जांच

    जिन विद्यार्थियों को शून्य अंक या 90 प्रतिशत से अधिक अंक मिलेंगे, उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का मुख्य परीक्षक और उपमुख्य परीक्षक द्वारा पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक परीक्षक द्वारा जांची गई पांच प्रतिशत कॉपियों का रैंडम आधार पर दोबारा परीक्षण अनिवार्य किया गया है। औसत अंक (एवरेज मार्किंग) देने की प्रक्रिया पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

    खबरें और भी

    पांच मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। तेजी से मूल्यांकन कार्य किया जाना है, ताकि मार्च के अंतिम सप्ताह में रिजल्ट घोषित किया जा सके।
    - डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र