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MP Board की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव: CBSE की तर्ज पर होंगे प्रश्न; लघु उत्तरीय प्रश्नों मे विकल्प की सुविधा खत्म

Published: Mon, 10 Aug 2026 04:40 PM (IST)

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2026-27 से नौवीं से 12वीं तक की परीक्षाओं के लिए सीबीएसई की तर्ज पर नई ...और पढ़ें

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल। (फाइल फोटो)

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सत्र 2026-27 से लागू होगा नया परीक्षा पैटर्न।

  2. सीबीएसई की तर्ज पर तार्किक प्रश्न पूछे जाएंगे।

  3. लघु उत्तरीय प्रश्नों में अब विकल्प नहीं मिलेगा।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने सत्र 2026-27 का नौवीं से 12वीं तक के सभी विषयों की अंक योजना और प्रश्नों का पैटर्न जारी किया है। इस बार मध्य प्रदेश बोर्ड का प्रश्नपत्र सीबीएसई की तर्ज पर होगा। 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को अति लघु उत्तरीय प्रश्न ज्यादा हल करने होंगे। लघु उत्तरीय व दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या कम की गई है।

सीधे नहीं, तर्क आधारित पूछे जाएंगे सवाल

परीक्षा में प्रश्न अब सीधे-सीधे नहीं, बल्कि तार्किक पूछे जाएंगे, जिसके लिए विद्यार्थियों को पूरी पाठ्यपुस्तक पढ़नी होगी। बता दें कि अभी तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न चार होते थे, लेकिन अब लघु उत्तरीय व दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या तीन-तीन कर दी गई है। साथ ही लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प नहीं दिया जाएगा।

सीबीएसई पैटर्न पर बनेंगे प्रश्न-पत्र

माशिमं नौवीं से 12वीं तक सीबीएसई पैटर्न पर किताबें लागू कर दी है। पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा सभी किताबों का प्रकाशन भी इसी अनुसार किया जाता है। वर्ष 2022-23 की परीक्षा के प्रश्न-पत्रों का पैटर्न परंपरानुसार था। पिछले साल से मंडल ने इस पैटर्न को बदल दिया है।

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इस तरह की होगी अंक योजना

10वीं का प्रश्नपत्र
- कुल प्रश्नों की संख्या - 23 - 75 अंक
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न - 30 अंक (प्रत्येक उप प्रश्न पर एक अंक निर्धारित है)
- वैकल्पिक प्रश्न - छह अंक
- रिक्त स्थानों की पूर्ति - छह अंक
- सत्य-असत्य लिखिए - छह अंक
- सही जोड़ी का मिलान - छह अंक
- एक वाक्य में लिखिए - छह अंक
- अति लघुउत्तरीय 12 प्रश्न - 24 अंक (प्रत्येक प्रश्न दो अंक निर्धारित हैं)।
- लघुउत्तरीय तीन प्रश्न - नौ अंक (प्रत्येक प्रश्न पर तीन अंक निर्धारित है)।
- दीर्घ उत्तरीय तीन प्रश्न - 12 अंक (प्रत्येक प्रश्न पर चार अंक निर्धारित है)।

12वीं के नॉन प्रायोगिक विषय का प्रश्नपत्र - 80 अंक
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न - 32 अंक (प्रत्येक उप प्रश्न पर एक अंक निर्धारित है)
- वैकल्पिक प्रश्न - छह अंक
- रिक्त स्थानों की पूर्ति - छह अंक
- सत्य-असत्य लिखिए - छह अंक
- सही जोड़ी का मिलान - सात अंक
- एक वाक्य में लिखिए - सात अंक
- अति लघुउत्तरीय 10 प्रश्न - 20 अंक (प्रत्येक प्रश्न दो अंक निर्धारित हैं)।
- लघुउत्तरीय चार प्रश्न - 12 अंक (प्रत्येक प्रश्न पर तीन अंक निर्धारित है)।
- दीर्घ उत्तरीय चार प्रश्न - 16 अंक (प्रत्येक प्रश्न पर चार अंक निर्धारित है)।

12वीं के प्रायोगिक विषय का प्रश्नपत्र-70 अंक
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न -28 अंक (प्रत्येक उप प्रश्न पर एक अंक निर्धारित है)
- वैकल्पिक प्रश्न - छह अंक
- रिक्त स्थानों की पूर्ति - छह अंक
- सत्य-असत्य लिखिए - छह अंक
- सही जोड़ी का मिलान - पांच अंक
- एक वाक्य में लिखिए - पांच अंक
- अति लघुउत्तरीय सात प्रश्न - 14 अंक (प्रत्येक प्रश्न दो अंक निर्धारित हैं)।
- लघुउत्तरीय चार प्रश्न - 12 अंक (प्रत्येक प्रश्न पर तीन अंक निर्धारित है)।
- दीर्घ उत्तरीय चार प्रश्न -16 अंक (प्रत्येक प्रश्न पर चार अंक निर्धारित है)।

सीबीएसई की तर्ज पर इस बार नौवीं से 12वीं तक के प्रश्नपत्रों का पैटर्न होगा। इस बार से लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प नहीं होगा। अब तार्किक प्रश्न पूछे जाएंगे।
- बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल