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'दुग्ध क्रांति' की ओर MP : एप से होगा संकलन, गुणवत्ता समेत दूध का पूरा हिसाब, 52 लाख किलो प्रतिदिन का बड़ा लक्ष्य

Updated: Sat, 25 Apr 2026 02:38 PM (IST)

मप्र में डेयरी सेक्टर को हाईटेक और पारदर्शी बनाने के लिए मोबाइल ऐप से दुग्ध संकलन किया जाएगा। इससे दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम जानकारी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिदिन 52 लाख किलोग्राम दूध संकलन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

एमपी में बढ़ रहा दुग्ध संकलन (प्रतीकात्मक चित्र)

एमपी में बढ़ रहा दुग्ध संकलन (प्रतीकात्मक चित्र)

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर को हाईटेक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब प्रदेश में प्रतिदिन हो रहे करीब 9.67 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन की प्रक्रिया को मोबाइल ऐप से जोड़ा जा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादकों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और भुगतान की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि डेयरी गतिविधियों का विस्तार करते हुए 26 हजार गांवों को इससे जोड़ा जाए और दुग्ध संकलन को बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया जाए।

डिजिटल मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता

दुग्ध संकलन के साथ-साथ फील्ड स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों की निगरानी के लिए फील्ड फोर्स मॉनिटरिंग ऐप भी लागू कर दिया गया है। इससे संचालन और विपणन गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण रहेगा।

उत्पादन बढ़ा, अब विपणन की चुनौती

बैठक में यह भी सामने आया कि जहां दूध उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं इसके प्रभावी विपणन की चुनौती बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बड़े वितरकों से संपर्क बढ़ाने और मार्केट नेटवर्क मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही डेयरी समितियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिल रही रफ्तार

प्रदेश में डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है—

  • इंदौर में 30 टन क्षमता का दुग्ध चूर्ण संयंत्र शुरू। 
  • शिवपुरी में 20 हजार लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट निर्माणाधीन। 
  • ग्वालियर डेयरी के सुदृढ़ीकरण का कार्य जारी। 

इसके साथ ही पशु आहार संयंत्रों की क्षमता के अधिकतम उपयोग के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है।

ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सम्मान पर फोकस

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि डेयरी सेक्टर में डिजिटलीकरण, पारदर्शिता और वैल्यू चेन के आधुनिकीकरण पर आधारित ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

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दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए ब्रांड सुदृढ़ीकरण, नई पैकेजिंग डिजाइन और बाजार विस्तार पर जोर दिया जाएगा। साथ ही आदर्श पशुपालकों को जिला स्तर पर सम्मानित करने के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

साफ है कि मध्य प्रदेश अब पारंपरिक डेयरी व्यवस्था से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी आधारित ‘व्हाइट रिवोल्यूशन’ की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।