MP में छह साल में 2.7 लाख महिलाएं-बेटियां लापता : 50 हजार से ज्यादा अब भी गुम, विधानसभा में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार औसतन प्रतिदिन 125 लोग लापता हो रहे हैं, और गुमशुदगी के मामलों में प्रतिवर्ष वृद्धि दर्ज की जा रही है, ज ...और पढ़ें

गुमशुदा बालिका (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में 18 फरवरी को पेश की गई सरकारी रिपोर्ट ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार द्वारा सदन में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 से 28 जनवरी 2026 तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से 2 लाख 70 हजार 300 महिलाएं और बेटियां लापता हुईं। इनमें से 50 हजार से अधिक को अब तक पुलिस तलाश नहीं सकी है।
कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने बताया कि वर्तमान में 47,984 महिलाएं और 2,186 बालिकाएं अब भी गुमशुदा हैं। औसतन प्रतिदिन 125 महिलाएं-बेटियां लापता हो रही हैं— यानी हर घंटे करीब पांच मामलों का दर्ज होना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बालिकाओं के गायब होने के लगभग 48 प्रतिशत मामलों में कारण घर से नाराज होकर जाना बताया गया है। हालांकि, महिलाओं के मामलों में पुलिस मुख्यालय स्तर पर कोई समग्र विश्लेषण उपलब्ध नहीं है, जिससे वास्तविक कारणों का स्पष्ट आकलन हो सके।
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सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि गुमशुदगी के मामलों में हर वर्ष चार से आठ हजार तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है। बढ़ते आंकड़े प्रशासनिक रणनीति और सामाजिक हस्तक्षेप की आवश्यकता की ओर संकेत कर रहे हैं।
महिला सुरक्षा और ट्रैकिंग तंत्र को लेकर अब सरकार की आगामी रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
किस वर्ष कितनी बेटियां व महिलाएं हुईं लापता
2020 -- 31,405
2021 -- 39,564
2022 -- 43,148
2023 -- 46,291
2024 -- 50,798
2025 -- 54,897
2026 (28 जनवरी तक)-- 4,197
गुम महिलाओं की स्थिति
लापता - 2,06,507
खोजी गईं या खुद लौटीं - 1,58,523
अभी भी लापता - 47,984
गुम बालिकाओं की स्थिति
लापता - 63,793
पुलिस, स्वजन ने खोजा, या खुद लौटीं - 61,607
अभी भी लापता - 2,186