MP में मानसून पर फिलहाल ब्रेक, गर्मी-उमस से लोग बेहाल; जानें कब बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई है, जिससे दिन और रात के ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
मानसून की रफ्तार धीमी होने से गर्मी-उमस बढ़ी।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में वृद्धि दर्ज।
11 सितंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ते ही गर्मी और उमस ने एक बार फिर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहा, जिससे दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई शहरों में तेज धूप और हवा में नमी के कारण दिनभर उमस का असर बना रहा।
प्रदेश में अधिकतम तापमान में एक से 3.4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रतलाम में दिन का तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक रहते हुए 32.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं छिंदवाड़ा में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जहां पारा 31.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
राजधानी भोपाल में भी कई दिनों बाद तेज धूप निकली। इसके असर से अधिकतम तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई और पारा 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप और नमी के मेल ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी और दिनभर उमस का अहसास बना रहा।
रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। रीवा में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक होकर 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं उमरिया में रात का पारा सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक रहते हुए 24.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में वर्षा हुई। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ीं। प्रदेश के शेष संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में बेगमगंज में 31 मिमी, देवरी-रायसेन में 21 मिमी और सागर में 13.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
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मौसम विज्ञानी एसएन साहू के अनुसार प्रदेश में फिलहाल कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। मानसून ट्रफ और चक्रवातीय परिसंचरण का प्रभाव अन्य राज्यों की ओर बना हुआ है। ऐसे में 11 सितंबर तक मध्य प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादलों की मौजूदगी के कारण कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें पड़ सकती हैं।
