NEET पेपर लीक कांड के तार सीहोर से जुड़े, आरोपित शुभम खैरनार का निकला MP कनेक्शन
नीट पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपित शुभम खैरनार का संबंध सीहोर की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से जुड़ा है। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने शुभम के अनियमि ...और पढ़ें

आरोपित शुभम सीहोर में स्थित श्री सत्यसाईं यूनिवर्सिटी का छात्र रहा।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। देशभर में सुर्खियों में बने नीट पेपर लीक मामले में अब मध्य प्रदेश कनेक्शन भी सामने आया है। राजस्थान पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपितों में शामिल डॉ. शुभम खैरनार का संबंध सीहोर जिले की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से जुड़ा होने का खुलासा हुआ है। इस जानकारी के सामने आते ही प्रदेश में भी मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के नासिक निवासी शुभम खैरनार को राजस्थान पुलिस ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले में हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि शुभम ने सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी में बीएएमएस (आयुर्वेद चिकित्सा) कोर्स में प्रवेश लिया था।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले से खुद को अलग बताते हुए स्पष्ट किया है कि आरोपी लंबे समय से शैक्षणिक गतिविधियों से दूर था। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मुकेश तिवारी के अनुसार शुभम ने वर्ष 2021 में बीएएमएस पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था, लेकिन बाद में वह नियमित रूप से कॉलेज नहीं आया। उन्होंने बताया कि आरोपी किसी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ और न ही विश्वविद्यालय की किसी अन्य गतिविधि में सक्रिय रहा।
अब सीहोर कनेक्शन की भी होगी जांच
शुभम के सीहोर से जुड़े शैक्षणिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और नेटवर्क की भी पड़ताल कर सकती हैं। हालांकि अभी तक सीहोर से किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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हाईटेक तरीके से हुआ था पेपर लीक
जांच में यह बात पहले ही सामने आ चुकी है कि नीट प्रश्नपत्र की डिजिटल कॉपी कथित तौर पर नासिक में तैयार की गई थी। आरोपितों ने मोबाइल कैमरे के बजाय हाई-डेफिनिशन पोर्टेबल स्कैनर का इस्तेमाल किया, ताकि प्रश्नपत्र साफ तरीके से सॉल्वर गैंग तक पहुंचाया जा सके। मामले में टेलीग्राम ग्रुप्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
राजस्थान पुलिस सहित अन्य एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।