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AIMIM चीफ ओवैसी का UCC पर हमला: भोपाल में बोले- गैर हिंदुओं पर 'हिंदू' कानून थोप रही सरकार

Published: Tue, 15 Sep 2026 09:30 PM (IST)

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भोपाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 'हिंदू कानून' बताया और कहा कि यह गैर-हिंदुओं ...और पढ़ें

भोपाल में पत्रकारों से संवाद करते असदुद्दीन ओवैसी।

भोपाल में पत्रकारों से संवाद करते असदुद्दीन ओवैसी।

HighLights

  1. ओवैसी ने यूसीसी को गैर-हिंदुओं पर थोपा गया 'हिंदू कानून' बताया।

  2. कहा, यह अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है।

  3. यूसीसी का उद्देश्य मुसलमानों की धार्मिक पहचान मिटाना है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद सीट से लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को हिंदू कानून बताया है। भोपाल पहुंचे ओवैसी ने कहा कि यूसीसी के नाम पर सरकार गैर हिंदुओं पर हिंदू कानून थोप रही है। यह नागरिकों खासकर अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।

'धाराओं में फर्क, बाकी प्रावधान वही'

कोहेफिजा इलाके में स्थित एआईएमआईएम कार्यालय में मंगलवार देर शाम पत्रकारों से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि उत्तराखंड से शुरू हुई समान नागरिक संहिता अब गुजरात, असम और मध्यप्रदेश तक पहुंच गई है।

ओवैसी ने कहा कि तीनों कानूनों को हिंदू उत्तराधिकार कानून, हिंदू विवाह कानून तथा हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण से संबंधित कानून को सामने रखकर देखें तो पता चलेगा कि बस धाराओं का फर्क है, शेष सारे प्रावधान वही रखे गए हैं। यह पूरी तरह गलत है।

यह धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ

ओवैसी ने यूसीसी का विरोध करते हुए कहा कि एक धर्म के कानून को दूसरे धर्म के लोगों पर लागू करना समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है। ऐसा केवल 18 करोड़ मुसलमानों को टारगेट करने के लिए किया जा रहा है, ताकि अल्पसंख्यकों की धार्मिक पहचान को खत्म कर दिया जाए। ताकि समानता और धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी केवल नाममात्र की रह जाए।

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ओवैसी ने देर रात मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित किया। उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब आदिवासियों को उनके पारंपरिक कानून के तर्क पर यूसीसी से अलग रखा गया है तो फिर मुसलमान को क्यों नहीं? क्या सरकार यह नहीं जानती कि मुसलमान का अपना कानून शरिया कानून है। ओवैसी ने मुसलमानों से ऐसे कानून का विरोध करने के लिए एकजुट रहने और अपनी मस्जिदों को आबाद रखने की बात कही।

कम्युनिस्ट नहीं मिटा पाए, तो भाजपा क्या मिटाएगी

जनसभा में ओवैसी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस पूरे देश में मुसलमानों को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम दबेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट रूस ने धर्म पर प्रतिबंध लगा दिया, मदरसे बंद कर दिए, लेकिन वहां के लोगों ने अपनी औलादों में इस्लाम को बचाए रखा। कम्युनिस्ट शासन इस्लाम को नहीं मिटा पाया तो भाजपा-आरएसएस क्या मिटा पाएंगे।

एनडीए घटक दलों को भी करना चाहिए विरोध

इससे पहले पत्रकारों से चर्चा में ओवैसी ने एनडीए के घटक दलों को भी यूसीसी का विरोध करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगर टीडीपी, जेडीयू, कुमारस्वामी, चिराग पासवान और जयंत चौधरी पूरी तरह भाजपा की विचारधारा के साथ खड़े हो गए हैं, तो अलग बात है, लेकिन अगर अभी भी भाजपा से उनके कुछ वैचारिक मतभेद हैं, तो उन्हें इसका विरोध करना चाहिए।