अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला पचमढ़ी को सम्मान, ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट पाने वाला देश का पहला हिल स्टेशन
पचमढ़ी को जर्मनी के बर्लिन में 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज सर्टिफिकेट' मिला है। नीदरलैंड की ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन द्वारा प्रदत्त यह सम्मान मध्य प् ...और पढ़ें

बर्लिन में आयोजित कार्यक्रम में पचमढ़ी को मिला सम्मान।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए गर्व की एक और उपलब्धि सामने आई है। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेले आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट में प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को प्रतिष्ठित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज सर्टिफिकेट’ से सम्मानित किया गया है। यह प्रमाणन नीदरलैंड स्थित ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है, जिसे ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल की मान्यता प्राप्त है। इस सम्मान के साथ पचमढ़ी देश का पहला ऐसा हिल स्टेशन बन गया है जिसे यह अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की ओर से उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह ने बर्लिन में आयोजित समारोह में यह सम्मान ग्रहण किया।
पर्यटन केंद्र के रूप में मजबूत होगी छवि
पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को सहेजने के प्रयासों के कारण ही पचमढ़ी को यह वैश्विक पहचान मिली है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पचमढ़ी की छवि एक सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत होगी।
कठोर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर हुआ मूल्यांकन
मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी के अनुसार, पचमढ़ी का चयन विस्तृत और कठोर अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद हुआ। इसके तहत डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रकृति और परिदृश्य, पर्यावरण एवं जलवायु, संस्कृति और परंपरा, सामाजिक कल्याण तथा व्यापारिक संचार जैसे छह प्रमुख विषयों के 75 मानकों पर परीक्षण किया गया। इस मूल्यांकन में पचमढ़ी को 10 में से 6.5 अंक प्राप्त हुए।
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पर्यटन बोर्ड के प्रयासों से मिली सफलता
इस उपलब्धि के पीछे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के निरंतर प्रयास रहे। परियोजना के तहत नवंबर 2025 में पचमढ़ी में कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके बाद व्यापक फील्ड वर्क, डेटा संग्रह और दस्तावेजीकरण किया गया। अंततः फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऑडिटर द्वारा ऑन-साइट ऑडिट के बाद इस प्रमाणन पर मुहर लगी।
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पर्यटन विभाग का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल पचमढ़ी की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगी, बल्कि देश के अन्य पर्यटन स्थलों के लिए भी रिस्पॉन्सिबल और सस्टेनेबल टूरिज्म का अनुकरणीय मॉडल साबित होगी।