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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Madhya Pradesh Tourism: कुनो नेशनल पार्क में चीतों के आगमन से पर्यटन को लगेंगे पंख, किराये में कोई बदलाव नहीं

    By Babita KashyapEdited By:
    Updated: Fri, 16 Sep 2022 07:48 AM (IST)

    Madhya Pradesh Tourism प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को कुनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में नामीबिया (Namibia) से मंगवाये गए आठ चीतों को क ...और पढ़ें

    17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नामीबिया के चीतों को कुनो नेशनल पार्क के क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ेंगे।
    17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नामीबिया के चीतों को कुनो नेशनल पार्क के क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ेंगे।

    श्योपुर, मनोज श्रीवास्तव। Madhya Pradesh Tourism: कल यानी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narender Modi) नामीबिया (Namibia) के चीतों को कुनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) के क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ेंगे। चीतों के आने से शिवपुरी में माधव नेशनल पार्क(Madhav National Park) , श्योपुर में कुनो नेशनल पार्क और राजस्थान में रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) एक साथ टूरिस्ट सर्किट बन गए हैं।

    पर्यटकों की बढ़ जाएगी संख्‍या  

    भारतीय वन्यजीव संस्थान, राजस्थान के रणथंभौर से माधव राष्ट्रीय उद्यान तक वन्यजीवों की आवाजाही के लिए जल्द ही एक गलियारा भी बनाया जाएगा। कुनो पार्क के अधिकारियों का कहना है कि चीतों के आने से कुनो में पर्यटकों की संख्‍या बढ़ जाएगी। इसके साथ ही तीनों अभ्यारण्यों को मिलाकर टूरिस्ट सर्किट बनने से स्थानीय लोगों को होटल, ट्रेवल्स, टूरिस्ट गाइड के साथ रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

    कैसे पहुंचे कुनो

    - कुनो में देश-विदेश से चीतों और घड़ियालों को देखने आने वाले पर्यटकों को आने-जाने में कोई दिक्‍कत नहीं होगी। पर्यटक यहां हवाई सेवा से जयपुर और ग्वालियर पहुंच सकते हैं।

    - झांसी से शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कर खजुराहो आने वाले पर्यटक पोहरी होते हुए 80 मील की दूरी तय कर कुनो तक जा सकते हैं। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के द्वार से कुनो राष्ट्रीय उद्यान 126 किमी दूर है।

    -जयपुर एयरपोर्ट से सवाई माधोपुर के रणथंभौर पार्क 160 किमी दूर है। पक्षियों के लिए कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य श्योपुर से 110 किमी दूर है।

    -श्योपुर 284 किमी, खजुराहो 388, श्योपुर से बारां 100 किमी, कोटा 110 किमी, दिल्ली से जयपुर 450 किमी, शिवपुरी 110 और ग्वालियर 220 किमी दूर है। ग्वालियर, जयपुर, आगरा में भी हवाई सेवा उपलब्ध है।

    - ग्वालियर-श्योपुर रेल मार्ग पर काम चलने की वजह से पर्यटक यहां निजी वाहन या टैक्सी से ही पहुंच सकते हैं। ग्वालियर से कुनो 174 किलोमीटर दूर है। यहां से पर्यटक बैराड, मोहना, पोहरी से सेसैपुरा तक निजी या टैक्सी के जरिए टिकटोली गेट पहुंचा जा सकता है।

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    टूरिस्ट सर्किट में शामिल होंगे ये पर्यटन स्थल

    चैत का बरवाड़ा, शिवाड, खंडार, रणथंभौर टाइगर रिजर्व, रणथंभौर किला, कुशालीपुरा के वन्यजीव और धार्मिक स्थल भी पर्यटकों के आकर्षण का केन्‍द्र बने हुए हैं। इसके अलावाशिवपुरी में चांदपथ, महाराज की छतरी, भदया कुंडभी है।

    श्योपुर में बना पालपुर किला, डोबकुंड, चंबल अभयारण्य, मानपुर में रामेश्वर धाम, रघुनाथपुर के कटनीपुरा गांव में कछुआ-घड़ियाल का निश्चेना केंद्र, धरहट सरकार मंदिर, श्योपुर किला, बंजारा बांध भी पर्यटक घूम सकते हैं।

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    17 सितंबर मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है, इस माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी पधार रहे हैं। चीता जो न केवल भारत बल्कि एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो गया था अब यहां उनका पुनर्स्थापन होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी यह मानते हैं कि यह धरती सब के लिए है। पर्यावरण और वन कर्मियों की सुरक्षा उनके मिशन का एक अंग रहा है। चीतों को फिर से लाकर भारत में मध्यप्रदेश के पालपुर-कूनो अभ्यारण में बसाना उसी मिशन का एक भाग है। - Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 11 Sep 2022

    कूनो में दो दुर्लभ जीव देख सकेंगे पर्यटक

    कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान 748.7618 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। कुनो नदी, जो पार्क के केंद्र से होकर गुजरती है, घड़ियालों के लिए संरक्षित है। कूनो नदी में दिसंबर 2020 में घड़ियाल के 50 बच्चों को छोड़ा गया था जो अब धीरे-धीरे बड़े हो रहे हैं। कुनो आने वाले पर्यटक अब चीतों के साथ-साथ घड़ियाल भी देख सकेंगे।

    कुनो में प्रवेश शुल्‍क

    कुनो प्रबंधन की ओर से अभी तक देशी-विदेशी पर्यटकों की जेब पर कोई बोझ नहीं डाला है। कुनो में प्रवेश शुल्‍क 250 रुपये प्रति व्यक्ति है। जबकि मिनी बस (अधिकतम 15 लोग) 1500 रुपये, चार पहिया वाहन (अधिकतम 6 लोग) की प्रवेश 750 रुपये या बस में प्रति सवारी 250 रुपये का टिकट की दर तय की गई है। 1 अक्टूबर 2021 से ये दरें लागू हैं।

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