विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अब QR कोड से समझें पंचकर्म का पूरा उपचार, इंदौर के आयुर्वेद कॉलेज में मरीजों के लिए नई डिजिटल सुविधा

By Neeraj VyasEdited By: Ravindra Soni
Published: Fri, 06 Nov 2026 03:01 PM (IST)

इंदौर के शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में धन्वंतरि जयंती से मरीजों को एक नई डिजिटल सुविधा मिली है। ओपीडी पर्ची ...और पढ़ें

-तस्वीर एआई से निर्मित।

-तस्वीर एआई से निर्मित।

HighLights

  1. इंदौर आयुर्वेद कॉलेज में नई डिजिटल सुविधा शुरू।

  2. क्यूआर कोड से पंचकर्म उपचार वीडियो देखें।

  3. मरीज अपनी स्वास्थ्य जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें।

नीरज व्यास, इंदौर। आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति अब डिजिटल तकनीक के साथ कदमताल करने जा रही है। इंदौर के शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में धन्वंतरि जयंती से मरीजों को एक नई डिजिटल सुविधा मिलने जा रही है। इसके तहत ओपीडी पर्ची पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करते ही मरीज पंचकर्म की विभिन्न उपचार प्रक्रियाओं के वीडियो देख सकेंगे। साथ ही अपनी दिनचर्या, खानपान, जीवनशैली और मानसिक तनाव से जुड़ी जानकारियां भी ऑनलाइन दर्ज कर पाएंगे।

पंचकर्म विभाग की ओपीडी पर्ची पर स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन, बस्ति, नस्य और रक्तमोक्षण जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड उपलब्ध होंगे। मरीज संबंधित कोड स्कैन कर उपचार का वीडियो देख सकेंगे। इससे उन्हें पंचकर्म शुरू होने से पहले ही उसकी प्रक्रिया, तरीके और स्वरूप की जानकारी मिल जाएगी। उपचार को लेकर मन में रहने वाली आशंकाएं भी दूर होंगी।

डिजिटल प्रश्नावली से बीमारी की जड़ तक पहुंचेंगे चिकित्सक

इस व्यवस्था में एक अन्य क्यूआर कोड के जरिए मरीज डिजिटल प्रश्नावली भर सकेंगे। इसमें पिछले 24 घंटे की दिनचर्या, खानपान, आहार-विहार, पुरानी बीमारियों और मानसिक तनाव से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। मरीजों की ओर से दर्ज किए गए इन विवरणों का उपयोग चिकित्सक रोग के मूल कारण और उसकी उत्पत्ति की प्रक्रिया को समझने में करेंगे। इससे मरीज की स्थिति के अनुरूप उपचार तय करने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें- चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ीं, महू कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

पंचकर्म विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार ओझा के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य मरीजों को उपचार प्रक्रिया से बेहतर तरीके से जोड़ना है। डिजिटल माध्यम से उन्हें पंचकर्म की जानकारी आसानी से मिलेगी, वहीं चिकित्सकों को मरीज की जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी। इससे उपचार में मरीजों की सहभागिता बढ़ेगी और आयुर्वेदिक चिकित्सा को समझना भी आसान होगा।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।