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    इंदौर में दूषित पानी से एक और मौत, कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष ने तोड़ा दम, 28 तक पहुंचा आंकड़ा, दो मरीज वेंटिलेटर पर

    Updated: Sun, 25 Jan 2026 02:51 PM (IST)

    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से एक और व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या 28 हो गई है। मृतक 75 वर्षीय कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष राजारा ...और पढ़ें

    इंदौर में दूषित पानी से मौत (इनसेट- मृतक राजाराम बौरासी)

    इंदौर में दूषित पानी से मौत (इनसेट- मृतक राजाराम बौरासी)

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    डिजिटल डेस्क, इंदौर। शहर के दूषित पेयजल प्रभावित भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के बाद एक और व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक सेवानिवृत्त शिक्षक 75 वर्षीय राजाराम बौरासी कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष थे। पिछले दिनों क्षेत्र में जब दूषित पानी से लोग बीमार पड़ने लगे, तब राजाराम ने बीमार लोगों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध करवाने में सहयोग किया था। वह लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन विकास समिति और रेलवे पुलिस सुरक्षा समिति के सक्रिय सदस्य भी थे।

    इलाज के दौरान मौत

    शनिवार को हालत बिगड़ने के बाद शनिवार को स्वजन ने राजाराम को शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह उनकी मौत के बाद दूषित पेयजल से मरने वालों का आंकड़ा 28 हो गया है।

    स्वजन ने बताया कि प्रारंभ में जब दूषित पेयजल से कई लोग बीमार पड़े थे तो राजाराम की भी तबीयत बिगड़ी थी। हालांकि उनकी तबीयत में कुछ दिन बाद सुधार हो गया था। अब जाकर फिर उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ गई।

    स्वास्थ्य विभाग का अलग पक्ष

    इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अलग दावा किया है। सीएमएचओ डा. माधव हारसानी का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों में राजाराम को उल्टी-दस्त की स्पष्ट पुष्टि नहीं होती है। 2018-19 की एंजियोग्राफी रिपोर्ट के अनुसार राजाराम हृदय रोग से पीड़ित थे। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या भी थी। 

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    उनकी मौत पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार और अहंकार ने अब तक 28 निर्दोष लोगों की जान ले ली है।

    अस्पतालों में अब भी मरीज भर्ती

    बता दें कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार 10 से अधिक मरीज अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें चार मरीज आईसीयू में और दो वेंटिलेटर पर हैं। चिकित्सकों के अनुसार, इनकी हालत में खास सुधार नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि दूषित पेयजल से यहां 3300 से अधिक लोग बीमार हो गए थे। इनमें से अधिकांश अब सही हैं। 

    यह भी पढ़ें- इंदौर के बाद महू में फूटा 'दूषित पानी' का बम: 250 घरों में फैला जहर, 30 से ज्यादा बीमार

    वहीं, भागीरथपुरा में पहली मौत के बाद एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पूरे क्षेत्र में जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। अभी सिर्फ 30 फीसदी हिस्से में नल से पानी पहुंच रहा है, जबकि शेष इलाके में 30 टैंकरों से सप्लाई की जा रही है। लोग नल और टैंकर दोनों के पानी पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं और अधिकांश लोग पानी उबालकर पी रहे हैं। 

    दो दिन में दो मौतों से बढ़ी दहशत

    इससे पहले शुक्रवार को 63 वर्षीय बद्री प्रसाद की मौत हुई थी। उन्हें 4 जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत पर एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चार दिन बाद छुट्टी मिलने के बाद 17 जनवरी को हालत बिगड़ने पर उन्हें अरबिंदो अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

    वहीं, गुरुवार रात 82 वर्षीय विद्या बाई की भी अरबिंदो अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, उन्हें लंबे समय से उल्टी-दस्त की शिकायत थी और गिरने से कूल्हे की हड्डी टूट गई थी।

    महू में सर्वे जारी, पुणे से रिपोर्ट का इंतजार

    वहीं, इंदौर जिले में महू में भी दूषित जल से 32 लोगों के बीमार होने के मामले आए थे। पत्ती बाजार क्षेत्र में तीसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग का सर्वे जारी रहा। अब पुणे भेजे गए पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इसमें माइक्रोबायालोजी और वायरोलाजी के पहलुओं पर जांच होगी। इसके बाद संक्रमण का सही कारण पता चलेगा। अब तक पीलिया और टाइफाइड के कुल 32 मरीज आए सामने हैं, जिनमें शामिल पांच बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं।