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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इंदौर और उदयपुर को यूनेस्को ने वेटलैंड सिटी के रूप में दी मान्यता, पीएम मोदी ने जताई खुशी

    Updated: Sun, 26 Jan 2025 05:46 AM (IST)

    देश के स्वच्छतम शहर के रूप में नंबर वन इंदौर और राजस्थान का उदयपुर अब दुनिया के चुनिंदा 31 वेटलैंड सिटीज में शामिल हो गए हैं। शनिवार को केंद्रीय वन एव ...और पढ़ें

    इंदौर और उदयपुर को यूनेस्को ने वेटलैंड सिटी के रूप में दी मान्यता (फोटो- एक्स)
    इंदौर और उदयपुर को यूनेस्को ने वेटलैंड सिटी के रूप में दी मान्यता (फोटो- एक्स)

    HighLights

    1. दुनिया के चुनिंदा 31 शहरों में शामिल हुए देश के ये दोनों महानगर
    2. जलस्त्रोतों के साथ पर्यावरण संरक्षण की कोशिशों को मिली मान्यता
    3. पीएम मोदी व केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने हर्ष जताया

     जेएनएन, इंदौर। देश के स्वच्छतम शहर के रूप में नंबर वन इंदौर और राजस्थान का उदयपुर अब दुनिया के चुनिंदा 31 वेटलैंड सिटीज में शामिल हो गए हैं। यूनेस्को के रामसर सम्मेलन में इन्हें वेटलैंड सिटी के रूप में अंतरराष्ट्रीय मान्यता और दर्जा प्रदान किया गया है।

    शनिवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर पोस्ट कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दोनों शहरों की इस उपलब्धि पर एक्स पर पोस्ट कर हर्ष जताया है।

    भोपाल इस बार चूक गया

    बता दें कि इस दौड़ में शामिल भोपाल इस बार चूक गया। यूनेस्को ने 2015 में रामसर कन्वेंसन की 12वीं कांफ्रेंस आफ पार्टीज में वेटलैंड सिटी की मान्यता के कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य उन शहरों को सम्मान और स्वीकार्यता देने की है, जो अपनी नम भूमि और प्राकृतिक जलस्त्रोतों के साथ जुड़े संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए गंभीर हैं और सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं।

    दो तालाब- सिरपुर और यशवंत सागर को रामसर साइट घोषित

    इंदौर ने इस दिशा में अपने दो तालाबों- सिरपुर और यशवंत सागर को रामसर साइट घोषित किया था। इन तालाबों के संरक्षण के साथ उसके आसपास की खाली और नमी वाली भूमि को भी संरक्षित करने की दिशा में कई कदम उठाए थे। दोनों तालाबों के आसपास के अतिक्रमण और कब्जे हटाने के साथ ही इस तरह विकास कार्य किया गया कि इन तालाबों की जमीन, जल के साथ उससे जुड़े जीव-जंतु भी सुरक्षित रह सकें।

    जलस्त्रोतों के संरक्षण के लिए दशकों से काम हो रहा है

    सिरपुर को बर्ड सेंचुरी और प्रवासी पक्षियों के आवास के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम शुरू किया है। उदयपुर तो झीलों के शहर के रूप में ख्यात है और पर्यटन केंद्र के रूप में वहां के जलस्त्रोतों के संरक्षण के लिए दशकों से काम हो रहा है।

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    तालाबों को संरक्षित करने के लिए शुरू होंगे प्रयास

    स्वच्छ शहर इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर "वेटलैंड सिटी" के रूप में मान्यता मिली है। इससे यहां के दो महत्वपूर्ण तालाब सिरपुर और यशवंत सागर को रामसर साइट घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि अब ये तालाब अंतरराष्ट्रीय संरक्षण के दायरे में आ गए हैं। इन तालाबों को उनके प्राकृतिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा और उनकी देखभाल में सावधानी बरती जाएगी।