'कटे हाथ के ठाकुर...' सज्जन वर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय पर कसा तंज, बोले- भाजपा में लगती है पर्ची की बोली, मंत्री सिर्फ कुर्सी ढोते हैं
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा हमला करते हुए उन्हें 'हाथ कटे ठाकुर' बताया। वर्मा ने कहा कि सरकार में विजयवर्गीय के पास न निर्णय लेने का अधिकार है, न सम्मान, और न ही उनकी बात सुनी जा रही है।

सज्जन सिंह वर्मा व कैलाश विजयवर्गीय।
HighLights
सज्जन वर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय को 'हाथ कटे ठाकुर' बताया।
कहा, सरकार में विजयवर्गीय के पास निर्णय लेने का अधिकार नहीं।
वर्मा ने उन्हें सम्मानपूर्वक मंत्री पद से इस्तीफा देने की सलाह दी।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने प्रदेश सरकार और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि सरकार में विजयवर्गीय की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनके पास न निर्णय लेने का अधिकार है, न सम्मान और न ही उनकी बात सुनी जा रही है। ऐसे में उन्हें मंत्री पद पर बने रहने के औचित्य पर विचार करना चाहिए।
वर्मा आगे बोले कि भागीरथपुरा में मानव मल-मूत्र से दूषित पानी पीने के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, तब भी मैंने कहा था कि कैलाश विजयवर्गीय भाजपा सरकार में 'हाथ कटे ठाकुर' बनकर रह गए हैं। यदि किसी मंत्री के पास अधिकार ही नहीं हैं, तो केवल पद पर बने रहने का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
मुख्यमंत्री और भाजपा अनुशासन पर भी साधा निशाना
पूर्व मंत्री ने भाजपा के अनुशासन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा अक्सर अनुशासन की बात करती है, लेकिन जब सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल कैलाश विजयवर्गीय स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर असहयोग, उपेक्षा और विरोध की शिकायत कर रहे हैं, तब पार्टी का अनुशासन कहां चला जाता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखना यह है कि क्या भाजपा मुख्यमंत्री से भी जवाब तलब करेगी या फिर अनुशासन के नियम केवल विपक्ष के लिए ही लागू होते हैं।
'कई मंत्री सिर्फ नाम के रह गए'
सज्जन सिंह वर्मा ने दावा किया कि कैलाश विजयवर्गीय अकेले ऐसे मंत्री नहीं हैं। उनके अनुसार प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विश्वास सारंग और भूपेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों व नेताओं की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में मंत्री केवल नाममात्र के रह गए हैं, जबकि वास्तविक फैसले कहीं और से लिए जा रहे हैं।
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विजयवर्गीय को दी इस्तीफे की सलाह
कांग्रेस नेता ने कैलाश विजयवर्गीय को सलाह देते हुए कहा कि उनकी सक्रिय राजनीति का अंतिम दौर चल रहा है। ऐसे में उन्हें स्वाभिमान के साथ मंत्री पद से इस्तीफा देकर सम्मानजनक तरीके से सार्वजनिक जीवन से विदा लेनी चाहिए और अपना समय पितृ पर्वत पर प्रभु आराधना में लगाना चाहिए।
अपने बयान के अंत में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें केवल इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पितृ पर्वत पर चंदे की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे, ताकि वहां किसी तरह की चोरी की खबर सामने न आए।

