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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हाई स्कूल शिक्षक भर्ती के लिए योग्यता का नियम असंवैधानिक घोषित

    Updated: Wed, 19 Mar 2025 10:40 PM (IST)

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में हाईस्कूल शिक्षक भर्ती के लिए योग्यता के नियम को असंवैधानिक घोषित कर दिया। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिष ...और पढ़ें

    हाई स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला (सांकेतिक तस्वीर)
    हाई स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग को पीजी के अंकों में पांच प्रतिशत की छूट देने के आदेश दिया।
    2. कहा- एनसीटीई नियम के अनुरूप 50 प्रतिशत व 45 प्रतिशत के आधार पर की जाए शिक्षकों की भर्ती
    3. एनसीटीई द्वारा सीनियर सेकंडरी कक्षाओं के लिए निर्धारित योग्यताएं हाई स्कूल शिक्षकों के लिए लागू होंगी

    जेएनएन, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश में हाई स्कूल शिक्षक भर्ती के लिए योग्यता के नियम को असंवैधानिक घोषित कर दिया। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नियम के अनुरूप शिक्षकों की भर्ती करने की व्यवस्था दे दी है।

    पीठ ने सरकार को दिए आदेश

    मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि एनसीटीई के नियमों को पिछली तारीख से लागू कर शिक्षक भर्ती की जाए।

    इसके साथ ही कोर्ट ने इस भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांगों को स्नात्तकोत्तर शैक्षिक योग्यता में निर्धारित अंकों में पांच प्रतिशत की छूट प्रदान करने का आदेश भी दिया है।

    मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती नियम-2018 को चुनौती दी

    याचिकाकर्ता भिंड निवासी अवनीश त्रिपाठी सहित व अन्य कई अभ्यर्थियों ने याचिका दायर करके हाई स्कूल शिक्षकों की भर्ती के लिए मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती नियम-2018 को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि सरकार ने इस भर्ती के लिए बीएड के साथ स्नातकोत्तर में द्वितीय श्रेणी की योग्यता निर्धारित की।

    उम्मीदवारों के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता- हाईकोर्ट

    यह उम्मीदवारों के साथ भेदभाव है, क्योंकि मध्य प्रदेश में ही कुछ विश्वविद्यालयों ने 45 प्रतिशत अंक को द्वितीय श्रेणी माना है, जबकि कुछ ने 50 प्रतिशत अंकों को द्वितीय श्रेणी माना है। इससे सही मानक का निर्धारण न होने से बहुत सारे उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि इस तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता।

    इसलिए एनसीटीई द्वारा सीनियर सेकंडरी कक्षाओं के लिए निर्धारित योग्यताएं मध्य प्रदेश में हाई स्कूल शिक्षकों के लिए लागू होंगी। एनसीटीई नियमों के अनुरूप शिक्षक भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता का स्नातकोत्तर में मापदंड 50 प्रतिशत व आरक्षित वर्ग के लिए 45 प्रतिशत है।

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