विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कान्हा रिजर्व में एक माह में तीसरे बाघ की मौत, तीन दिन में दूसरे बाघ शावक का शव मिला, संरक्षण पर उठे गंभीर सवाल

Published: Sat, 25 Apr 2026 12:21 PM (GMT+05:30)

कान्हा टाइगर रिजर्व में एक महीने के भीतर तीन बाघों की मौत हो चुकी है, जिसमें तीन दिनों में दो ...और पढ़ें

नाला क्षेत्र में मिला बाघ शावक का सड़ा-गला शव (सौजन्य - कान्हा पार्क प्रबंधन)

नाला क्षेत्र में मिला बाघ शावक का सड़ा-गला शव (सौजन्य - कान्हा पार्क प्रबंधन)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्यप्रदेश के मंडला जिले स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार हो रही मौतों ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। महज एक महीने के भीतर तीसरे बाघ की मौत दर्ज हुई है, जबकि तीन दिनों के अंदर दूसरे शावक का शव मिलने से हड़कंप मच गया है।

सड़ी-गली अवस्था में मिला शव 

ताजा मामला वन परिक्षेत्र सरही के सरहीनकान बीट का है, जहां 23 अप्रैल को ईंटावारे नाला क्षेत्र में एक बाघ शावक मृत अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और प्रदेश के वरिष्ठ वन अधिकारियों के निर्देश पर इलाके को सील कर सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। डॉग स्क्वॉड और हाथियों की मदद से आसपास के क्षेत्र की गहन जांच की गई।

विशेषज्ञों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में शव सड़ी-गली अवस्था में पाया गया, जिससे मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कर शव का अंतिम संस्कार किया गया।

अप्रैल में मौतों की ‘चेन’ से बढ़ी चिंता

अप्रैल माह में अब तक एक वयस्क मादा बाघ और दो शावकों सहित कुल तीन बाघों की मौत हो चुकी है। 21 अप्रैल को एक नर शावक की मौत को प्राकृतिक बताया गया था, जबकि 23 अप्रैल को मिले दूसरे शावक की मौत रहस्य बनी हुई है। इससे पहले महीने की शुरुआत में कन्हारी बीट में एक मादा बाघ की मौत हो गई थी। मौत का कारण आपसी संघर्ष बताया गया था।

लगातार एक ही क्षेत्र में हो रही घटनाओं ने वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम अवधि में बार-बार हो रही मौतें गंभीर संकेत हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में REEL बनाते समय बरगी नहर में समाईं तीन बहनें, 24 घंटे बाद मिला तीसरा शव, गांव में पसरा मातम

विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुई जांच

पोस्टमार्टम प्रक्रिया में जबलपुर के वन्यजीव फोरेंसिक विशेषज्ञ, पेंच टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक और स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारियों की टीम शामिल रही। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और वन अमले की निगरानी में संपन्न हुई।

फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही इन मौतों ने ‘कान्हा’ जैसे विश्व प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।