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    52 किलो सोना-11 करोड़ कैश मामले में RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत, 18 महीने बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 06:12 PM (IST)

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोपाल के 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद मिलने के मामले में पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत दे दी है। करीब 18 महीने जेल म ...और पढ़ें

    आरोपित पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा (फाइल फोटो)

    आरोपित पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को हाई कोर्ट से जमानत मिली।

    2. भोपाल के 52 किलो सोना, 11 करोड़ कैश का मामला।

    3. देश छोड़ने पर रोक, हर सुनवाई पर उपस्थित रहना होगा।

    डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने भोपाल के जंगल में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद मिलने के बहुचर्चित मामले में आरोपित परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत दे दी है। कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए 10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की स्थानीय जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिए हैं।

    बता दें कि सौरभ शर्मा 10 फरवरी, 2025 से न्यायिक हिरासत में है। करीब 18 महीने जेल में रहने के बाद अब उसके बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, उसके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई जारी रहेगी।

    जांच पूरी, आरोप भी तय

    सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह तथ्य महत्वपूर्ण रहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। ट्रायल कोर्ट आरोप तय कर चुका है। ऐसे में जांच के लिए सौरभ शर्मा की हिरासत जारी रखने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

    कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि दर्ज अपराध में अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रविधान है, जबकि सौरभ करीब 18 महीने पहले ही जेल में बिता चुका है। साथ ही, निकट भविष्य में ट्रायल पूरा होने की संभावना नहीं होने को भी जमानत के पक्ष में महत्वपूर्ण आधार माना गया।

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    देश छोड़ने पर रोक

    हाई कोर्ट ने जमानत देते हुए स्पष्ट शर्तें भी लगाई हैं। सौरभ अदालत की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा सकेगा। वह किसी गवाह को प्रभावित नहीं करेगा और न ही साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकेगा। उसे ट्रायल कोर्ट में प्रत्येक सुनवाई पर नियमित रूप से उपस्थित रहना होगा।