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2 हजार की रिश्वत पर 5 साल जेल, 20 हजार का जुर्माना... 9 साल पुराने मामले में सीधी के पंचायत सचिव को सजा; नौकरी भी गई

Updated: Wed, 12 Aug 2026 06:26 PM (IST)

सीधी के एक पंचायत सचिव को इंदिरा आवास योजना में 2 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में 5 ...और पढ़ें

विशेष अदालत ने सुनाया फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

विशेष अदालत ने सुनाया फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

HighLights

  1. सीधी पंचायत सचिव को रिश्वत मामले में सजा मिली।

  2. 5 साल का सश्रम कारावास और 20 हजार जुर्माना।

  3. इंदिरा आवास योजना में 2 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत करीब नौ साल पहले की गई कार्रवाई के चलते सीधी में एक पंचायत सचिव को जहां अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ गया, वहीं पांच साल का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया। ये फैसला विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ने सुनाया।

मामला वर्ष 2017 का है। नौगवां पंचायत के तत्कालीन सचिव कन्हैया लाल साकेत ने इंदिरा आवास योजना की दूसरी किस्त जारी कराने के एवज में हितग्राही इंदल बसोर से चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप है कि सचिव ने दो हजार रुपये बतौर एडवांस भी ले लिए थे।

दूसरी किस्त के लिए मांगे थे 4 हजार रुपये

हितग्राही इंदल बसोर ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर इसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा में की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर रिश्वत लेते पंचायत सचिव को पकड़ने की योजना बनाई गई।

मंदिर के पास 2 हजार लेते रंगेहाथ पकड़ा

लोकायुक्त ने 19 दिसंबर 2017 को कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ सचिव के पास भेजा गया। सेमरिया बाजार स्थित हनुमान मंदिर के पास जैसे ही कन्हैया लाल साकेत ने दो हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।

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कार्रवाई के बाद मामले की केस डायरी विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के समक्ष प्रस्तुत की गई। करीब नौ साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अब सचिव को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।