Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विशालगढ़ किले पर अतिक्रमण रोधी अभियान से बढ़ा सांप्रदायिक तनाव, ओवैसी ने मस्जिद ढ़ाहने को बताया आतंकी हमला

    Updated: Tue, 16 Jul 2024 08:52 PM (IST)

    कोल्हापुर जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कोल्हापुर के विशालगढ़ किले से अवैध अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक शाम तक ...और पढ़ें

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ( फाइल फोटो )
    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ( फाइल फोटो )

    HighLights

    1. एक मस्जिद की तोड़फोड़ का वीडियो हुआ वायरल
    2. इस तोड़फोड़ के कारण फैला सांप्रदायिक तनाव

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। रविवार को कोल्हापुर स्थित विशालगढ़ किले के आसपास शुरू किए गए अतिक्रमण रोधी अभियान के कारण किले के आसपास सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। सुरक्षा की दृष्टि से किले के आसपास करीब 250 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और 29 जुलाई तक जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अतिक्रमण रोधी अभियान के कारण राज्य में राजनीति भी गरमाने लगी है।

    छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज संभाजी महाराज छत्रपति रविवार को कोल्हापुर शहर से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित विशालगढ़ किले पर गए थे। उनके साथ बड़ी संख्या में छत्रपति शिवाजी महाराज के समर्थक कार्यकर्ता भी थे। कार्यकर्ताओं द्वारा किले के आसपास की गई नारेबाजी के बाद दूसरे समुदाय द्वारा पथराव शुरू कर दिया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उपद्रवियों द्वारा किए गए इस पथराव में कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।

    अतिक्रमण हटाने का अभियान किया गया शुरू

    पथराव के बाद 500 लोगों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया गया है, और 21 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। संभाजी छत्रपति की लगातार मांग पर सोमवार से सरकार के आदेश पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है। संभाजी का कहना है कि पहले ही दिन करीब 70 अवैध निर्माण तोड़े जा चुके हैं। इसी अभियान के दौरान एक मस्जिद की तोड़फोड़ का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसके कारण सांप्रदायिक तनाव फैल रहा है, और विपक्ष को राजनीति करने का भी अवसर मिल रहा है।

    AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने की ये टिप्पणी

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपने एक्स एकाउंट पर पोस्ट किया है कि आज भी छह दिसंबर जारी है। यह मस्जिद पर एक तरह का आतंकी हमला है। महाराष्ट्र में शिंदे और फडणवीस की सरकार है। सरकार की शह पर ही मस्जिद पर इस तरह के हमले हो रहे हैं। हम विश्वगुरु बनना चाहते हैं। लेकिन मस्जिदों पर हमले कर रहे हैं। मुस्लिमों और उनके धार्मिक स्थलों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

    खबरें और भी

    'मुस्लिमों को इसका जवाब वोट की ताकत से देना होगा'

    ओवैसी कहते हैं कि महाराष्ट्र के मुस्लिमों को इसका जवाब वोट की ताकत से देना होगा। उनकी ही पार्टी के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील सीधे संभाजी छत्रपति पर निशाना साध रहे हैं। चूंकि हाल के लोकसभा चुनाव में कोल्हापुर से संभाजी छत्रपति के पिता एवं कोल्हापुर गद्दी वर्तमान वारिस छत्रपति साहूजी जी महाराज कांग्रेस के टिकट पर चुने गए हैं। इसका उल्लेख करते हुए इम्तियाज जलील कहते हैं कि आप दिल्ली जा सकते थे। क्योंकि मुसलमानों ने तो आपको वोट दिया था। हम आपका सम्मान करते थे। लेकिन चूंकि आपने विशालगढ़ में हिंसक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, इसलिए हमें आश्चर्य है कि क्या आप वास्तव में साहू महाराज के वंशज हैं।

    किसी संप्रदाय विशेष के विरुद्ध नहीं हूं- दानवे

    शिवसेना(यूबीटी) के नेता एवं विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे इसी बहाने सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि संभाजी महाराज ने सरकार से केवल अतिक्रमण हटाने को कहा था। लेकिन सरकार ने उनके विरुद्ध ही मामला दर्ज कर लिया है। क्या सरकार अतिक्रमण बचा रही है ? दूसरी ओर संभाजी महाराज छत्रपति भी मानते हैं कि विशालगढ़ में हुई हिंसा को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है, जोकि बिल्कुल सही नहीं है।

    'अतिक्रमण हिंदुओं ने ही शुरू किया'

    वह कहते हैं कि मैं विशालगढ़ किले पर हुए अतिक्रमण के विरुद्ध हूं। किसी संप्रदाय विशेष के विरुद्ध नहीं हूं। उनका कहना है कि विशालगढ़ में सबसे पहले तो अतिक्रमण हिंदुओं ने ही शुरू किया था। बता दें कि एक दिन पहले ही संभाजी ने जानकारी दी थी कि विशालगढ़ के आसपास हुए अतिक्रमण में ही शराब और मांस का व्यापार चल रहा है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि कुछ समय पहले इंडियन मुजाहिदीन का एक आतंकी यासीन भटकल भी वहां रहकर जा चुका है।

    यह भी पढ़ें- Pooja Khedkar: विवादों के बीच ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की ट्रेनिंग हुई रद्द, एकेडमी ने बुलाया वापस