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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इलेक्टोरल बॉन्ड्स पर हुए खुलासे के बाद मुखर हुए राहुल गांधी, चंदे के नाम पर वसूली का लगाया आरोप

    By Jagran News Edited By: Anurag Gupta
    Updated: Fri, 15 Mar 2024 08:42 PM (IST)

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से लाई गई चुनावी बॉन्ड योजना को दुनिया का स ...और पढ़ें

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: एएनआई)
    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: एएनआई)

    HighLights

    1. राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर जमकर साधा निशाना
    2. विपक्षी सरकारों को गिराने के लिए किया गया था बॉन्ड्स के पैसे का इस्तेमाल: राहुल गांधी

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। कांग्रेस नेता एवं वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने चुनावी बॉन्ड को प्रधानमंत्री कार्यालय का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया है। उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसियों की मदद से भाजपा को लाभ पहुंचाने वाला 'जबरन वसूली रैकेट'  बताया और इसे राष्ट्र-विरोधी गतिविधि भी करार दिया।

    क्या कुछ बोले राहुल गांधी?

    राहुल गांधी ने 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के अंतिम दिन एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इससे बड़ी कोई राष्ट्र-विरोधी गतिविधि नहीं हो सकती है। बकौल राहुल गांधी, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED)  और इनकम टैक्स विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियां बीजेपी-आरएसएस के हाथ का हथियार बन गई हैं। गांधी ने कहा,

    यह स्पष्ट रूप से भारत के प्रधानमंत्री द्वारा संचालित दुनिया का सबसे बड़ा वसूली रैकेट है। कुछ साल पहले मोदी जी ने राजनीतिक वित्त प्रणाली को साफ करने की बात की थी और 'चुनावी बॉन्ड' पेश किए गए थे। यह अवधारणा दुनिया का सबसे बड़ा जबरन वसूली रैकेट है।

    चुनावी बॉन्ड को दुनिया में भ्रष्टाचार और घोटाले का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कंपनियों को डराने और उनसे पैसे लेने का एक तरीका है। यह एक बहुत बड़ी चोरी हो रही है, जो पूरी तरह से प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित की गई है।

    राहुल ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

    उन्होंने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि कंपनियों पर ईडी, आईटी और सीबीआई के छापे पड़ते हैं और कुछ दिनों के बाद वे कंपनियां चुनावी बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को चंदा देती हैं। कंपनियों को ठेका मिलता है और कुछ दिनों के बाद वे चुनावी बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को 'कट' देती हैं। यह कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा लेने और हफ्ता लेने का एक साधन है। उन्होंने कहा,

    अभी पूरी सूची बाहर नहीं है। छद्म कंपनियां भी मौजूद हैं।

    नौकरशाहों और जांच एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों को चेतावनी देते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसी दिन भाजपा सरकार हटा दी जाएगी और फिर इन अधिकारियों को दंडित किया जाएगा और सजा ऐसी होगी कि कोई कभी ये काम करने के बारे में सोचेगा भी नहीं। यह मेरी गारंटी है।

    उन्होंने कहा कि शिवसेना और राकांपा जैसी राजनीतिक पार्टियों को पैसे का इस्तेमाल करके तोड़ा जा रहा है। यह पैसा कहां से आया है? उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईडी जांच नहीं कर रहे हैं। वे जबरन वसूली कर रहे हैं। राजनीतिक दलों को भाजपा और अमित शाह तोड़ रहे हैं, और पूरा महाराष्ट्र जानता है कि इसके लिए पैसा यहीं से आया है।

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    इसके अतिरिक्त राहुल गांधी ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट भी शेयर किया। राहुल गांधी ने कहा,

    नरेन्द्र मोदी इलेक्टोरल बॉन्ड्स के नाम पर दुनिया का सबसे बड़ा वसूली रैकेट चला रहे थे।

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