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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dawood Ibrahim: 2019 के जबरन वसूली के मामले में गैंगस्टर दाऊद का भतीजा बरी, मकोका के तहत दर्ज था मामला

By Agency Edited By: Sonu Gupta
Updated: Fri, 12 Apr 2024 09:25 PM (IST)

विशेष अदालत ने शुक्रवार को भगौड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के भतीजे और और दो अन्य को बरी कर दिया। इन पर 2019 में जबरन वसूली के मामले में कठोर महाराष्ट्र ...और पढ़ें

2019 के जबरन वसूली के मामले में गैंगस्टर दाऊद का भतीजा बरी। फाइल फोटो।
2019 के जबरन वसूली के मामले में गैंगस्टर दाऊद का भतीजा बरी। फाइल फोटो।

पीटीआई, मुंबई। विशेष अदालत ने शुक्रवार को भगौड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के भतीजे और और दो अन्य को बरी कर दिया। इन पर 2019 में जबरन वसूली के मामले में कठोर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

2019 में दर्ज हुआ था मामला

विशेष न्यायाधीश बीडी शेल्के ने गैंगस्टर के भतीजे मोहम्मद रिजवान शेख इब्राहिम (कासकर), अहमदराजा वधारिया और अशफाक टोवलवाला को आइपीसी की विभिन्न धाराओं और मकोका के संबंधित प्रविधानों के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला 2019 में बिल्डर को धमकाने पर दर्ज किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात का भी व्यवसाय करने वाले बिल्डर ने आरोप लगाया था कि उसके बिजनेस पार्टनर ने जून 2019 में उससे 15 लाख रुपये उधार लिए थे। पार्टनर से पैसा नहीं लेने के लिए उसके पास गैंगस्टर छोटा शकील की ओर से उसके गैंग के सदस्य फहीम मचमच का अंतरराष्ट्रीय कॉल आया।

अभियोजन ने कहा कि दाऊद के भतीजे रिजवान और अन्य आरोपितों ने पैसा न मांगने के लिए बिल्डर को धमकाया था। टोवलवाला ने अपने साथियों के साथ अपराध करने का इकबालिया बयान भी दिया था। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि सभी आरोपितों के खिलाफ काल रिकार्डिंग व सीडीआर समेत पर्याप्त सुबूत मिले हैं।

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