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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maharashtra: महाराष्ट्र कैबिनेट उपसमिति की बैठक आज, क्या सुलझेगा मराठा आरक्षण को लेकर विवाद?

    By AgencyEdited By: Nidhi Avinash
    Updated: Mon, 04 Sep 2023 08:46 AM (IST)

    महाराष्ट्र कैबिनेट उप-समिति की बैठक सोमवार दोपहर 12 बजे होगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल होंगे। यह बैठक मराठा आरक्षण पर चल रही तनातन ...और पढ़ें

    महाराष्ट्र कैबिनेट उपसमिति की बैठक आज (Image: ANI)
    महाराष्ट्र कैबिनेट उपसमिति की बैठक आज (Image: ANI)

    HighLights

    1. महाराष्ट्र कैबिनेट उप-समिति की बैठक सोमवार दोपहर 12 बजे होगी
    2. मराठा आरक्षण पर चल रही तनातनी को लेकर होगी ये बैठक
    3. बीते शुक्रवार जालना में हुआ था हिंसक झड़प

    मुंबई, एजेंसी। मराठा आरक्षण पर चल रही तनातनी को लेकर महाराष्ट्र कैबिनेट उप-समिति की बैठक सोमवार दोपहर 12 बजे होने वाली है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी इस बैठक में शामिल होंगे। इससे पहले शनिवार को शिंदे ने कहा था कि राज्य सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बीते शुक्रवार को जालना में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।

    यह किसी की लापरवाही के कारण हुआ..

    इसी को लेकर शिंदे ने कहा, 'नवंबर 2014 में, जब तत्कालीन सीएम देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व में गठबंधन सरकार सत्ता में थी, सरकार ने मराठा समुदाय आरक्षण की घोषणा की थी। हाईकोर्ट ने भी सरकार द्वारा लिए गए मराठा आरक्षण के फैसले को बरकरार रखा। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने अलग फैसला लिया। सब जानते हैं कि यह किसी की लापरवाही के कारण हुआ है। मराठा आरक्षण का मामला फिलहाल कोर्ट में है। राज्य सरकार इस मामले को अदालत में लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। कुछ कठिनाइयां हैं और राज्य सरकार उन्हें हल करने की कोशिश कर रही है।'

    शिंदे की लोगों से सावधान रहने की अपील

    मुख्यमंत्री शिंदे ने लोगों से उन लोगों से सावधान रहने की अपील की जो स्थिति से राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं मराठा समुदाय से, जिन्होंने अब तक बहुत ही समझदारी और शांति से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं, हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि वे संयम बरतें और कानून को अपने हाथ में न लें।

    इस आंदोलन के नेता जारांगे पाटिल से मेरी बातचीत हुई। उनकी मांगों को लेकर मेरी अध्यक्षता में बैठकें भी हुईं। उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कार्रवाई की जा रही थी। हालांकि, उसके बाद भी आंदोलन हुआ। शिंदे ने कहा, 'पाटिल को आंदोलन वापस लेने को कहा गया, लेकिन विरोध अभी भी जारी है।'

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